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डिसकॉम के कर्ज का असर राज्यों की हालत पर
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jan 2013 09:55 PM IST
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कर्ज में डूबे राज्य विद्युत बोर्ड (डिसकॉम) का असर राज्यों के वित्तीय हालात पर पड़ रहा है। राज्यों की खराब होती वित्तीय स्थिति में डिसकॉम की अहम भूमिका है। यह बातें भारतीय रिजर्व बैंक की राज्य वित्त रिपोर्ट में कही गई हैं। बृहस्पतिवार को रिजर्व बैंक ने रिपोर्ट जारी की है।
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रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2011 तक डिसकॉम पर करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। ऐसे में कर्ज चुकाने में नाकाम होने से उनकी स्थिति और खराब हो गई है। रिजर्व बैंक के अनुसार ऐसा होने की प्रमुख वजह डिसकॉम द्वारा बिजली दरों में बढ़ोतरी न करना, सब्सिडी के भुगतान का बोझ और ऊंची लागत में बिजली खरीदने की वजह से हालात इस तरह के हो गए हैं।
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बढ़ते कर्ज को चुकाने में असमर्थ डिसकॉम का बोझ अब बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर भी पड़ने लगा है। ऐसे में यदि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा डिसकॉम के कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग की योजना का सही पालन किया जाय, तो निश्चित तौर पर इसका फायदा राज्यों और डिसकॉम दोनों को मिल सकेगा।
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