आईआईपी ने दिया मोदी सरकार को झटका
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जुलाई के महीने में आईआईपी ग्रोथ मात्र 0.5फीसदी रही है। ऐसे में एक बार फिर अर्थव्यवस्था के सुस्त होने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि महंगाई के स्तर पर थोड़ी राहत जरूर है।
महंगाई में मामूली राहत, लेकिन सब्जियां अभी भी महंगी उपभोक्ता महंगाई दर में थोड़ी राहत नजर आई है। आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के महीने में यह 7.8 फीसदी पर रही है। जबकि जुलाई में यह 7.96 फीसदी पर रही थी। वहीं खाद्य महंगाई दर के स्तर पर महंगाई बढ़ी है। अगस्त में यह 9.42 फीसदी पर रही है। जबकि जुलाई में यह 9.36 फीसदी पर थी। इसी तरह सब्जियों की कीमतें 16.88 फीसदी के मुकाबले 15.15 फीसदी पर रही है। शहरी क्षेत्र में महंगाई दर 7.42 फीसदी के मुकाबले 7.04 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 8.45 के मुकाबले 8.35 फीसदी पर रही है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक अगस्त में जुलाई के मुकाबले 0.16 फीसदी कम होकर 7.8 फीसदी पर आई गया है। ऐसे में मोदी सरकार के लिए आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए महंगाई में कमी लाने के साथ-साथ औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाने की अहम चुनौती होगी।
सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई के महीने में आईआईपी में केवल 0.5 फीसदी की ग्रोथ हुई है। जबकि पिछले साल इसी अïवधि में यह 2.6 फीसदी की दर से बढ़ी थी। जबकि पिछले महीने से तुलना की जाय तो जून में आईआईपी 3.4 फीसदी की दर से बढ़ा था।
आईआईपी की अगर जून के महीने से तुलना की जाय तो मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 1.8 फीसदी ग्रोथ की तुलना में जुलाई में यह 1 फीसदी के नकारात्मक स्तर पर रही है। इसी तरह कैपिटल गुड्स 2.3 फीसदी के नकारात्मक स्तर पर, खनन क्षेत्र केवल 2.1 फीसदी की दर से बढ़ा है। इसी तरह कंज्यूमर नॉन ड्यूरेबल ग्रोथ 9 फीसदी के मुकाबले 7.6 फीसदी की दर से बढ़ा है।