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अर्श से फर्श पर ऐसे पहुंचे रंगीन मिजाज फणीश मूर्ति

Wed, 22 May 2013 12:06 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी/ब्यूरो
नई दिल्ली/एजेंसी/ब्यूरो Updated Wed, 22 May 2013 12:06 AM IST
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igate sacks phaneesh murthy after sexual harassment charge

आईटी क्षेत्र की प्रमुख अमेरिकी कंपनी आईगेट कॉरपोरेशन ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) फणीश मूर्ति को एक महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न के मामले में बर्खास्त कर दिया है।

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कंपनी ने मूर्ति की जगह गेरहार्ड वाट्जिंगर को अंतरिम सीईओ नियुक्त किया है। मूर्ति इससे पहले ऐसे ही एक मामले में 2002 में इनफोसिस से बर्खास्त किए गए थे।
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फणीश मूर्ति: अब तक का सफर
आईआईटी मद्रास से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए ग्रेजुएट फणीश मूर्ति ने आईटी कंपनी इनफोसिस लिमिटेड से अपने कैरियर की शुरुआत की।
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मूर्ति इनफोसिस में 1995 से 2002 के बीच सेल्स एवं मार्केटिंग और प्रोडक्ट सोल्यूशंस समूह के वर्ल्डवाइड हेड रहे। वर्ष 2000 में मूर्ति को इनफोसिस में निदेशक बनाया गया।

बतौर इनफोसिस के ग्लोबल सेल्स हेड फणीश को 10 सालों में कंपनी का कारोबार का 20 लाख डॉलर से बढ़ाकर 70 करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का भी श्रेय जाता है।

जनवरी 2003 में मूर्ति ने क्विंटेंट सर्विसेज लिमिटेड की स्थापना की उसके सलाहकार भी रहे। आईगेट ग्लोबल सोल्यूशंस लिमिटेड द्वारा क्विंटेंट का अधिग्रहण किए जाने के बाद फणीश मूर्ति अगस्त 2003 में बतौर सीईओ आईटेग से जुड़े।

2006 में उन्हें प्रेसिडेंट बनाया गया और 2010 दोबारा इसी पद पर चुना गया। मूर्ति को आईगेट को एक नुकसान व नेगेटिव मार्जिन वाली कंपनी के दौर से बाहर निकालकर मुनाफा व बेहतर बिजनेस करने वाली कंपनी के दौर में ले जाने का श्रेय है।

मूर्ति के नेतृत्व में ही आईगेट ने 2011 में प्रतिद्वंद्वी कंपनी पटनी कंप्यूटर सिस्टम्स का अधिग्रहण किया।

इनफोसिस से भी हुए थे बाहर
फणीश मूर्ति को इससे पहले भी ऐसे ही एक मामले में इनफोसिस से वर्ष 2002 में बर्खास्त किया जा चुका है।

उस दौरान वह इनफोसिस की कैलिफोर्निया स्थित ग्लोबल बिक्री टीम के प्रमुख के पद पर थे और उनकी निजी सचिव रेका मैक्सिमोविच ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें कंपनी से हटा दिया गया। बाद में मई 2003 में 30 लाख डॉलर देकर इस मामले को रफादफा किया गया था।

नए सीईओ के सामने होगी चुनौती
फणीश मूर्ति आईगेट ग्लोबल सिस्टम के बतौर सीईओ कंपनी का कारोबार निश्चित तौर काफी ऊपर ले गए।

मूर्ति के कार्यकाल में ही जनवरी-मार्च तिमाही में आईगेट का शुद्ध मुनाफा बाजार के पूर्वानुमान को दरकिनार कर 44 फीसदी की वृद्धि के साथ 3.5 करोड़ डॉलर पर दर्ज किया गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 4 फीसदी बढ़कर 27.49 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया।

कंपनी के नए सीईओ के सामने आईगेट की इस कारोबारी रफ्तार को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। कंपनी के पास कारोबार की कोई कमी नहीं है। कंपनी के 28 हजार से अधिक कर्मचारी हैं और 300 से अधिक ग्राहकों को वह सेवाएं उपलब्ध कराती है।

हालांकि, कंपनी पर 1 अरब डॉलर से अधिक कर्ज भी है, जो पटनी कंप्यूटर के अधिग्रहण से जुड़ा है। फिलहाल, आईगेट ने मूर्ति की जगह गेरहार्ड वाट्जिंगर को अंतरिम सीईओ नियुक्त किया है।

नेस्कॉम ने कार्रवाई को सही बताया

कंप्यूटर एवं आईटी क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख संस्था नेस्कॉम ने आईगेट प्रबंधन द्वारा यौन उत्पीणन के आरोप में फणीश मूर्ति को अध्यक्ष व सीईओ पद से बर्खास्त किए जाने के निर्णय को सही बताया है।


नेस्कॉम के चेयरमैन कृष्ण कुमार नटराजन ने इसे एक त्वरित व महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई करना आईटी उद्योग की साख बनाए रखने के लिहाज से बेहतर है।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय से आईटी सेक्टर द्वारा उच्च स्तरीय मानदंडों और कार्य प्रणाली को अपनाने और बनाए रखने की पुष्टि होती है।

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