फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   if you are intvest money in this scheme beaware now

आप ने भी तो लाखों रुपए नहीं लगाए हैं इस स्कीम में?

Tue, 15 Jul 2014 11:39 AM IST
Updated Tue, 15 Jul 2014 11:39 AM IST
विज्ञापन
if you are intvest money in this scheme beaware now

ज्वेलरी बेचने के लिए किस्त के रुप में चलाई जा रही स्कीमों में ग्राहकों की 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा है। नए कंपनी कानून के तहत स्कीम को अवैध माने जाने के बाद देश भर में चलाई जा रही स्कीम को कंपनियों ने बंद कर दिया है।

विज्ञापन


ग्राहकों की रकम लौटाने की कवायद भी टाटा समूह ने शुरू कर दी है। इसके तहत तनिष्क करीब 1,000 करोड़ रुपये राशि लौटाएगा। हालांकि अभी दूसरी कंपनियों ने रकम लौटाने के संबंध में कोई पहल नहीं की है।

विज्ञापन

किस्तों में ज्वैलरी खरीदने की थी योजना

if you are intvest money in this scheme beaware now

ईएमआई स्कीम के तहत ज्वेलरी निर्माता कंपनियां ग्राहकों को 12 किस्तों में रकम चुकाकर ज्वेलरी खरीदने का विकल्प देती है। जिसमें 11 किस्त चुकाए जाने पर एक किस्त का डिस्काउंट भी मिलता है।

कंपनी मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कंपनी कानून के तहत इस स्कीम से ग्राहकों को 12 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिल रहा है। जो कि गैर कानूनी है।

साथ ही स्कीम के जरिए जुटाई गई राशि कंपनी के नेटवर्थ की तुलना में 25 फीसदी से ज्यादा होने पर भी यह स्कीम अवैध हो जाती है। जो भी कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करेगी, उस कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एक बढ़िया कारोबार बन चुका

if you are intvest money in this scheme beaware now

ज्वेलरी इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक देश की सभी प्रमुख ज्वेलरी कंपनियां इस स्कीम को चला रही है। संगठित क्षेत्र में किस्त के जरिए ज्वेलरी बेचना एक बड़ा कारोबार बन चुका है।

अनुमान के अनुसार यह कारोबार 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इंडस्ट्री इस संबंध में वित्त मंत्री अरूण जेटली से भी मिलने की तैयारी कर रही है। वह नए कंपनी कानून के तहत लागू प्रावधान की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग करेगी।

विज्ञापन

क्या है मामला?

if you are intvest money in this scheme beaware now

एक अप्रैल 2014 से लागू किए गए नए कंपनी कानून के तहत ज्वेलरी खरीदने के लिए किस्त के आधार पर शुरू की गई स्कीम, पब्लिक डिपॉजिट में आएगी।

रिटर्न ज्यादा होने और कंपनियों के कुल कारोबार में स्कीम का हिस्सा अधिक होने से यह स्कीम गैर कानूनी है। इसी के कारण कंपनियों ने स्कीम को बंद कर दिया है। अब कंपनियां नए सिरे से स्कीम को लागू करने पर भी विचार कर रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed