चुनाव लड़ने वाले 410 नेताओं के पास नहीं है पैन कार्ड!
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आयकर विभाग और चुनाव आयोग ने लोक सभा उम्मीदवारों के हलफनामे खंगालने शुरू कर दिए हैं। पहले तीन चरण के चुनाव के लिए नामांकन करने वाले 1,520 उम्मीदवारों में से 27 फीसदी ने पैन नंबर की जानकारी नहीं दी है जबकि 53 फीसदी उम्मीदवारों ने आयकर का विवरण अपने हलफनामे में नहीं दिया है।
इन उम्मीदवारों में से 29 फीसदी करोड़पति हैं। आयकर विभाग की नजर ऐसे उम्मीदवारों पर है, जिनकी संपत्ति पिछले चुनाव से कई गुना बढ़ी है। पैन नंबर न देने वाले 5 करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ति वाले उम्मीदवार भी विभाग के निशाने पर हैं।
कालेधन के इस्तेमाल को पकड़ने में जुटा चुनाव आयोग
आयकर विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, लोक सभा चुनाव में काले धन के इस्तेमाल और तय सीमा से ज्यादा खर्च रोकने में जुटे चुनाव आयोग और आयकर विभाग ने टैक्स छिपाने वाले उम्मीदवारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
चुनाव नतीजों का ऐलान होने के बाद आयकर विभाग पहले और दूसरे नंबर पर आने वाले उम्मीदवारों की संपत्ति के ब्योरे का मिलना उनके आयकर रिटर्न से किया जाएगा। लेकिन इससे पहले संदिग्ध उम्मीदवारों की पहचान की जा रही है।
चुनाव आयोग ऐसे उम्मीदवारों की सूची जांच के लिए आयकर विभाग की खुफिया शाखा को भेज रहा है, जिनकी संपत्ति पिछले चुनाव से कई गुना बढ़ गई है। आयकर विभाग को सबसे ज्यादा आश्चर्य अभी तक 53 फीसदी उम्मीदवारों की ओर से हलफनामे में आयकर का विवरण न देने पर हो रहा है।
लोक सभा उम्मीदवारों की औसत संपत्ति करीब तीन करोड़ रुपये है। ऐसे में पैन कार्ड और आयकर डिटेल न देना उम्मीदवारों की कमाई पर सवाल खड़े कर रहा है।
यूपी में 45 फीसदी करोड़पति उम्मीदवार
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने लोक सभा चुनाव के पहले तीन चरणों के लिए नामांकन कर चुके उम्मीदवारों की संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड पर एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, सबसे ज्यादा 45 फीसदी करोड़पति उम्मीदवार उत्तर प्रदेश से हैं।
हरियाणा में 40 और दिल्ली में 33 फीसदी करोड़पति उम्मीदवार हैं। पार्टियों में कांग्रेस के 81 फीसदी, भाजपा के 66 और आम आदमी पार्टी के 47 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं।