फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   hundred Smart City scheme in budget

चुनावी वादे का असर, बसेगी सौ स्मार्ट सिटी

Fri, 11 Jul 2014 01:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 11 Jul 2014 01:07 AM IST
विज्ञापन
hundred Smart City scheme in budget

चुनाव में सबको घर और स्मार्ट सिटी का सपना दिखाकर आई मोदी सरकार ने बजट में इस ओर कदम बढ़ाते हुए सौ स्मार्ट सिटी और 2022 तक सभी के लिए आवास की घोषणा कर दी है।

विज्ञापन


सरकार की योजना के मुताबिक इन शहरों को तैयार करने पर 7060 करोड़ रुपए खर्च किये जाएंगे। इससे बढ़ती आबादी को व्यवस्थित ढंग से बसाने की पहल होगी। वहीं युवाओं की बढ़ती आय को देखते हुए घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना भी है।
विज्ञापन


इस बाबत राष्ट्रीय आवास बैंक के जरिए कम लागत वाले सस्ते आवास आधारित मिशन तैयार करने का प्रस्ताव है। जबकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ग्रामीण शहरी मिशन (रूरबन)के जरिए गुजरात की छाप पूरे देश पर छोड़ने की पहल भी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

7060 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव

hundred Smart City scheme in budget

वित्त्तमंत्री अरूण जेटली ने बजट भाषण में कहा है कि ग्राणीण क्षेत्रों से अधिक संख्या में लोग शहर आ रहे हैं। देश में नया मध्यम वर्ग उभर रहा है जो आय के साथ बेहतर जीवनशैली भी चाहता है।

अगर नए शहर विकसित नहीं किये गए तो मौजूदा शहर रहने योग्य नहीं रहेंगे। इसलिए नई योजना पेश की जा रही है।

दूसरी ओर औद्योगिक गलियारों के साथ स्मार्ट शहरों को तैयार करने की घोषणा भी बजट में हुई है। इस मद में पहले पहल सौ करोड़ रुपए आवंटन का प्रावधान है। वहीं गरीब व निम्न आय वर्ग को कम ब्याज दर पर सस्ता घर उपलब्ध कराने को राष्ट्रीय आवास बैंक के लिए 4000 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।

गांवों में भी शहरी सुविधाएं देने की योजना

hundred Smart City scheme in budget

महत्वपूर्ण यह है कि कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की सूची में अब गंदी बस्तियों के विकास को भी शामिल कर दिया गया है। इससे अब निजी क्षेत्र का योगदान भी इस ओर बढ़ने की उम्मीद है।

वहीं सरकार ने गुजरात मॉडल के आधार पर गांवों में शहरी सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए रुरबन मिशन शुरू करने की घोषणा की है। इस मिशन के तहत आर्थिक कामकाज को बढ़ावा देने और कौशल विकास की योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।

रूरबन को शुरू करने में पीपीपी मॉडल को अपनाया जाएगा। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों के शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए गुजरात में ग्रामीण शहरी विकास मॉडल को अपनाया गया है। यहां ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उच्च गुणवत्ता वाले शहरी इमारतें और शहरी सुविधाएं मिलती है। इसी तर्ज पर रूरबन का विस्तार होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed