एचएसबीसी ने घटाया विकास दर का अनुमान
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अंतरराष्ट्रीय बैंक एचएसबीसी ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 5.7 फीसदी से घटाकर 5.2 फीसदी कर दिया है। बैंक ने इसकी वजह ढांचागत सुधारों को लागू करने में सुस्ती और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश की परियोजनाओं के क्रियान्वयन में धीमेपन को बताया है। इसके अलावा बैंक ने वित्त वर्ष 2013-14 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर के अनुमान को 6.9 फीसदी से घटाकर 6.2 फीसदी कर दिया है।
एचएसबीसी ने राजकोषीय और चालू खाते के घाटे पर चिंता जताते हुए कहा है कि दोनों तरह के घाटों में स्थिति बदतर हुई है। हालांकि बैंक ने सरकार द्वारा हाल में आर्थिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों के सहारे देश के आर्थिक हालात सुधरने और सरकार के घाटे में कमी आने की भी उम्मीद जताई है।
बैंक ने कहा है कि यदि सुधार जारी रहे तो घाटे में कमी और विकास दर में तेजी आ सकती है, पर इसमें कुछ वक्त लगेगा। आर्थिक विकास दर को दोबारा 8 फीसदी के स्तर पर पहुंचने में अभी तकरीबन तीन साल तक का समय लग सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी भी भारत की मौद्रिक साख को अगले 12 से 24 माह में घटाने की चेतावनी दे चुका है।