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नोकिया से कैसे वसूल करेंगी सरकार 6,000 करोड़ का टैक्स?
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 03 Dec 2013 07:19 PM IST
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मोबाइल फोन निर्माता कंपनी 6,000 करोड़ का टैक्स देने में आनाकानी कर रही है। केंद्र सरकार से नोकिया ने कहा है कि वह इतना टैक्स नहीं दे पाएगी।
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नोकिया द्वारा आंशिक कर भुगतान की पेशकश आयकर विभाग ने ठुकरा दी है। विभाग ने हाईकोर्ट में कहा कि कंपनी पर साढ़े छह हजार करोड़ रुपये के कुल कर में से 2,250 करोड़ रुपये के भुगतान की पेशकश उसे मंजूर नहीं है। नोकिया इस पेशकश पर अड़ी है।
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जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि नोकिया कुछ भी नहीं दे रही है। खंडपीठ ने साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये डिवीडेंड के रूप में विदेश भेजने पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्यों न यह पैसा वापस मंगाया जाए।
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कंपनी से खंडपीठ ने पूछा कि उसने साढ़े तीन हजार करोड़ विदेश क्यों भेजे। क्या कंपनी की मंशा भारत से अपनी तरल संपत्ति को निकालने की थी। कंपनी के पास 41 सौ करोड़ रुपये थे जिसमें से 3500 करोड़ विदेश भेज दिए।
खंडपीठ के इस रुख पर नोकिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि कंपनी इससे ज्यादा पैसा देने की स्थिति में नहीं है। साल्वे ने यह भी कहा कि कंपनी जो पैसे देने की पेशकश कर रही वह उसे माइक्रोसोफ्ट के साथ हुई डील से मिला है।
नोकिया ने इससे पहले भारत में उसकी संपत्ति के स्थानानंतरण पर लगी रोक हटाने की मांग की थी। कंपनी का कहना था कि रोक न हटने से उसकी माइक्रोसोफ्ट के साथ हुई सात बिलियन डॉलर की डील पर असर पड़ेगा।
खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई अब नौ दिसंबर को होगी। इस दिन कंपनी को अपनी संपत्ति व दायित्वों का ब्यौरा देना होगा और साथ ही बताना होगा कि कंपनी अब तक कितना टैक्स दे चुकी है।