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होम लोन के लिए इस वर्ग को मिलेगी ब्याज में छूट

Tue, 25 Nov 2014 11:47 AM IST
नई दिल्ली /ब्यूरो
नई दिल्ली /ब्यूरो Updated Tue, 25 Nov 2014 11:47 AM IST
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 home buyers from low income group will get discount in intrest rate

सरकार रीयल एस्टेट क्षेत्र में मांग को प्रोत्साहित करने व सबके लिए घर के नारे को साकार बनाने के लिए निम्न आय वालों के साथ निम्न मध्यवर्ग के उपभोक्ताओं को भी मकान खरीदने के लिए ब्याज दरों में अतिरिक्त छूट दे सकती है।

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सरकार इस प्रकार की योजना तैयार कर चुकी है और नई हाउसिंग नीति में ब्याज दरों में छूट की घोषणा की जा सकती है। यह जानकारी केंद्रीय शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री वेंकैया नायडू ने दी।
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नायडू ने यह भी कहा कि रीयल एस्टेट बिल बजट सत्र तक पारित हो सकता है। फिलहाल इस बिल पर काम किया जा रहा है और उसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबी रेखा से नीचे के आय वर्ग के साथ निम्न व निम्न मध्यवर्ग से जुड़ी हाउसिंग स्कीम में ब्याज दरों में छूट दे सकती है।
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सरकार जल्द ही इस योजना की घोषणा कर सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में ब्याज दरों पर छूट मुमकिन नहीं है। क्रेडाई के कार्यक्रम में नायडू ने कहा कि सरकार ने 2022 तक सबके लिए घर देने का नारा दिया है और इसे साकार करने के लिए अगले सात साल तक हर साल 14 लाख करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी।

इतना बड़ा निवेश अकेले संभव नहीं है। सरकार डेवलपर्स के साथ मिलकर सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर हाउसिंग परियोजना विकसित कर सकती है। रीयल एस्टेट नियामक बिल के बारे में नायडू ने बताया कि इसके हर नियम पर उन्होंने परामर्श किया है।

यह बिल उपभोक्ताओं के हित में होने के साथ निर्माण हित में भी होना चाहिए। उन्होंने डेवलपर्स को साफ तौर पर यह संदेश दे दिया कि वे अपने ग्राहकों से जो वादा करते हैं, उसे पूरा करने पर नए कानून के आने पर भी उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।

नायडू ने कहा कि रीयल एस्टेट नियामक बिल में राज्यों को ज्यादा अधिकार होगा और राज्य इससे जुड़े अधिक कानून बनाएंगे। पिछले साल अगस्त में रीयल एस्टेट बिल को राज्य सभा में पेश किया गया था।


नायडू ने बताया कि इस बिल को पहले कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा और शीतकालीन सत्र में संसद से पारित कराने की कोशिश की जाएगी। ऐसा नहीं होने पर बजट सत्र में इसे पारित कराया जाएगा।

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