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आधुनिक कृषि यंत्रों से कम लागत में अधिक पैदावार
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sun, 16 Dec 2012 08:44 PM IST
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सीमित जमीन पर अधिक उत्पादन के लिए सरकार ने किसानों को मशीनों का अधिकाधिक उपयोग करने की सलाह दी है।
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) का कहना है कि कृषि यंत्रों के जरिए खेती करने वाले किसान प्रत्येक फसल में 30 फीसदी से अधिक उत्पादन कर सकते हैं। कृषि यंत्रों की खरीद के लिए केंद्र सरकार किसानों को मदद भी उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही न्यूनतम ब्याज दर पर कर्ज लेकर भी किसान कृषि यंत्र खरीद सकते हैं।
आईसीएआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ जेपीएस डबास के मुताबिक आईसीएआर ने किसानों खेती से जुड़ी समस्याओं का हल घर बैठे करने के लिए वैश्विक सूचना प्रणाली (जीआईएस) शुरू किया है। इससे किसान खेती-किसानी का 50 फीसदी काम जीआईएस के जरिए कर सकेंगे।
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इसके तहत किसान घर बैठे मिट्टी की जांच, बीज का चयन, जरूरत के मुताबिक खाद का उपयोग करने की जानकारी हासिल कर सकेंगे। बेहतर उपज के लिए जुताई, बुवाई, बीजारोपण, खाद डालने, कटाई आदि का काम कृषि यंत्रों से करना जरूरी है।
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आईसीएआर के वैज्ञानिकों ने कई आधुनिक कृषि यंत्रों का आविष्कार किया है। इसके अलावा कई निजी कंपनियां भी आधुनिक कृषि यंत्रों का निर्माण कर रही हैं। जिसके जरिए किसान कम लागत में बेहतर उपज प्राप्त कर सकते हैं।
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (फार्म इक्विपमेंट सेक्टर) संजीव गोयल के मुताबिक कंपनी ने मिट्टी के कणों को अधिक बारीक कर उसमें पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रोटरी टिलेज का निर्माण किया है।
इसके साथ ही धान की कटाई के बाद बाकी बचे हिस्सों की पिसाई कर इन्हें जैव-उर्वरक में बदलकर वापस मिट्टी में मिलाने के लिए महिंद्रा मल्चर के नाम से क्रॉप रेसिड्यू मैनेजमेंट बनाया है। इससे किसानों को कटाई के बाद खेत में बचे हुए खर-पतवार जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।