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ग्लोबल गिरावट के बीच बिकवाली से लुढ़का बाजार

Mon, 08 Oct 2012 08:27 PM IST
मुंबई/एजेंसी
मुंबई/एजेंसी Updated Mon, 08 Oct 2012 08:27 PM IST
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Heavyweights pull down market NSE Nifty tanks 71 points
कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बनने की आशंका और ग्लोबल स्तर पर गिरावट के संकेतों के साथ ही लगातार दूसरे सत्र में मुनाफावसूली का दबाव बने रहने से रिलायंस इंडस्ट्रीज, भेल, स्टेट बैंक और टाटा मोटर्स जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 229.48 अंक लुढ़क कर 18,708.98 अंक पर और एनएसई का निफ्टी 70.95 अंक उतर कर 5,676 अंक पर रहा।
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बड़ी कंपनियों की तुलना में छोटी और मझोली कंपनियों पर बिकवाली का दबाव नहीं दिखा। विदेशी बैंक मॉर्गन स्टेनली द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज की रेटिंग को ‘इक्वल वेट’ से घटाकर ‘अंडर वेट’ करने से उसके शेयरों में भारी बिकवाली हुई और 4.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ सेंसेक्स की रिलायंस टॉप लूजर कंपनी बनी।
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बीएसई के सेंसेक्स में कारोबार 31 अंक बढ़कर 18,969.19 अंक पर शुरू हुआ और यही उसका उच्चतम स्तर भी रहा। प्रारंभ से ही बिकवाली का दबाव दिखने लगा, जो आखिर तक जारी रहा। मुनाफावसूली से यह 18,684.40 अंक के निचले स्तर तक फिसला।
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आखिर में पिछले सत्र के 18,938.46 अंक की तुलना में 1.21 प्रतिशत अर्थात 229.48 अंक लुढ़क कर 18,708.98 अंक पर रहा। एनएसई के निफ्टी में कारोबार पांच अंक बढ़कर 5,751.85 अंक पर शुरू हुआ और सत्र के दौरान इससे ऊपर नहीं चढ़ सका। बिकवाली शुरू होने पर यह 5,666.20 अंक के न्यूनतम स्तर तक लुढ़का। अंत में पिछले सत्र के 5,746.95 अंक की तुलना में 70.95 अंक अर्थात 1.23 प्रतिशत गिरकर 5,676 अंक पर रहा।

बीएसई में बड़ी कंपनियों की तुलना में छोटी और मझोली कंपनियों पर बिकवाली दबाव बहुत कम रहा। मिडकैप 0.44 प्रतिशत अर्थात 29.39 अंक उतरकर 6,649.38 अंक पर और स्मॉलकैप 0.16 प्रतिशत अर्थात 11.64 अंक फिसलकर 7,134.71 अंक पर रहा। बीएसई में कुल 3,013 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ जिनमें से 1,383 बढ़त में और 1,515 गिरावट में रहे, जबकि 115 में कोई बदलाव नहीं हुआ।

बीएसई में हेल्थ केयर क्षेत्र की 1.20 प्रतिशत की बढ़त को छोड़कर सभी समूह गिरावट में रहे। इनमें रीयल्टी 3.50 प्रतिशत, तेल एवं गैस 2.77, सीजी 2.70, सीडी 1.56, आईटी 1.40, पावर 1.38, ऑटो 1.26, बैंकिंग 1.22, पीएसयू 1.08, धातु 1.01, टेक 0.92 और एफएमसीजी 0.03 प्रतिशत शामिल हैं। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में अधिकांश गिरावट में रही।

रिलायंस 4.51 प्रतिशत, हिंडाल्को 3.52, भेल 3.44, एलएंडटी 3.09 प्रतिशत, स्टेट बैंक 2.97, टाटा मोटर्स 2.87, टाटा पावर 2.50, विप्रो 2.18, ओएनजीसी 1.83, कोल इंडिया 1.71, इनफोसिस 1.46, आईसीआईसीआई बैंक 1.36, हीरो मोटोकॉर्प 1.28, टीसीएस 1.00, हिन्दुस्तान यूनीलिवर 0.81, टाटा स्टील 0.68, महिंद्रा एंड महिंद्रा 0.54, मारुति 0.36 प्रतिशत शामिल हैं। बढ़त में रहने वाले शेयरों में सन फार्मा 3.67, एयरटेल 1.62, सिप्ला 0.87, जिंदल स्टील 0.79, आईटीसी 0.65, एनटीपीसी 0.32, डा रेड्डी 0.16 और एचडीएफसी 0.07 प्रतिशत शामिल हैं।
विदेशी बाजारों में जापान को छोड़कर गिरावट का रुख रहा। जापान का निक्की 0.44 प्रतिशत की बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 0.89, ब्रिटेन का एफटीएसई 0.79, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.67 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.56 प्रतिशत की गिरावट में रहा।


डीएलएफ पर पड़ी तगड़ी मार
डीएलएफ द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को कौड़ियों के भाव संपत्तियां दिए जाने के अरविंद केजरीवाल की ओर से लगाए गए आरोपों का खासा नकारात्मक असर कंपनी के शेयरों पर पड़ा। भारी बिकवाली के दबाव में डीएलएफ के शेयर बीएसई में 7.24 फीसदी या 17.50 रुपये गिरकर 224.25 रुपये पर बंद हुए। एनएसई में भी डीएलएफ में 17.60 रुपये या 7.28 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई और यह 224.30 रुपये के भाव पर बंद हुआ। शेयरों में तगड़ी गिरावट से कंपनी के मार्केट कैप में करीब 3,000 करोड़ रुपये की गिरावट आई है।
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