फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   heavy industry ministry gives special package for hmt revival

फिर टिक-टिक करेंगी एचएमटी की घड़ियां

Tue, 17 Sep 2013 12:05 PM IST
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, हल्द्वानी
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Tue, 17 Sep 2013 12:05 PM IST
विज्ञापन
heavy industry ministry gives special package for hmt revival
आर्थिक संकट से जूझ रही एचएमटी (घड़ी) फिर से टिक-टिक करने लगेगी। भारी उद्योग मंत्रालय ने एचएमटी की रानीबाग, बंगलूरू और तुम्कुर यूनिटों को पुनर्जीवित करने के लिए हाथ बढ़ाया है।
विज्ञापन


एचएमटी और मंत्रालय के बीच अनुबंध होने के बाद न सिर्फ इन यूनिटों में उत्पादन बढ़ेगा बल्कि क र्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन और अन्य खर्च भी मिलने लगेगा।
विज्ञापन


रानीबाग यूनिट के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एचएमटी का भारी उद्योग मंत्रालय से करार होने की बात अंतिम चरण में है। अनुबंध के बाद कंपनी को 980 करोड़ रुपये मिलेंगे और इसी साल अंत तक एचएमटी की घड़ियां फिर से टिक-टिक करने लगेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि एचएमटी की सभी यूनिटों में पर्याप्त मैकेनिकल स्टाफ और मशीनें हैं लेकिन घड़ियों के उत्पादन के लिए कंपनी के पास धन नहीं है। कुछ साल पहले तक जो रानीबाग यूनिट सालाना लाखों घड़ियां बनाती थी, अब वह डिमांड पर सालाना मात्र 40 हजार घड़ियां ही बना रही है।

कहां किताना स्टाफ

एचएमटी की रानीबाग यूनिट में 531, बंगलूरू में करीब 200, तुम्कुर में 396 कर्मचारी तैनात हैं। कंपनी की घड़ियों के प्रचार-प्रसार के लिए 65 कर्मचारी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed