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अब इलेक्ट्रानिक तरीके से लिखी जाएगी वसीयत
नई दिल्ली /ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2014 09:04 AM IST
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एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वसीयत लिखने की एक सेवा शुरू की है। यह इलेक्ट्रॉनिक वसीयत या ई-वसीयत काफी जल्दी और सुविधाजनक ढंग से तीन सरल चरणों में तैयार की जा सकती है। इसकी पूरी प्रक्रिया में तीस मिनट से ज्यादा समय नहीं लगता है। इसे कहीं से भी माउस के कुछ क्लिक के जरिए पूरा किया जा सकता है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी असीम ध्रू ने कहा कि यह भारत में अपनी तरह की पहली सेवा है। यह किसी व्यक्ति को सुरक्षित ढंग से बेहद आसानी और सुविधा के साथ एक मान्य-ई वसीयत तैयार करने में सक्षम बनाती है।
यह सेवा पूरी तरह गोपनीय है। इसमें कोई व्यक्तिगत विवरण जमा नहीं रखा जाता है। ग्राहक अपने घर या दफ्तर में सुविधा और निजता के साथ वसीयत तैयार कर सकते हैं। यह विश्वसनीय और सस्ती सेवा वसीयत तैयार करने में लगने वाले समय को काफी कम कर देगी।
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एचडीएफसी सिक्योरिटीज यह सेवा एक कानूनी साझेदार विल जीनी के साथ मिल कर पेश कर रही है। विल जीनी बिना किसी फोन, ईमेल या मुलाकात के ही लोगों को अपनी व्यक्तिगत ई-वसीयत लगभग 30 मिनट में ऑनलाइन तैयार करने में मदद करेगी।
स्वयं कार्य पूरा करने वाली यह सेवा 100 फीसदी स्वचालित, बाधारहित है। इसे तैयार करने या जांचने में सलाहकार की भूमिका नहीं होती। वसीयत बनाने वाले के पास इसे स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। असीम ध्रू ने आगे कहा कि एक बार स्वीकृत हो जाने पर एक मान्य वसीयत को कार्यान्वयन के लिए तैयार किया जाता है।
डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके एचडीएफसी सिक्योरिटीज लगातार ऐसे प्रयास करती रहती है, जिससे ग्राहकों के हर काम की प्रक्रिया सरल, तेज एवं बेहतर हो और कुल मिला कर ग्राहकों का अनुभव अच्छा हो।
कोई व्यक्ति सिक्योरिटीज की वेबसाइट का पंजीकरण करा कर एक आसानी से अपनी ई-वसीयत तैयार कर सकता है। उस व्यक्ति को केवल इतना करना है कि वह अपनी संपत्तियों की सूची बनाए और यह बताए कि किस संपत्ति की वसीयत किसके नाम करनी है। यह सेवा 4,000 रुपये में उपलब्ध है और सूचनाओं की गोपनीयता की गारंटी देती है।
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एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी असीम ध्रू ने कहा कि यह भारत में अपनी तरह की पहली सेवा है। यह किसी व्यक्ति को सुरक्षित ढंग से बेहद आसानी और सुविधा के साथ एक मान्य-ई वसीयत तैयार करने में सक्षम बनाती है।
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यह सेवा पूरी तरह गोपनीय है। इसमें कोई व्यक्तिगत विवरण जमा नहीं रखा जाता है। ग्राहक अपने घर या दफ्तर में सुविधा और निजता के साथ वसीयत तैयार कर सकते हैं। यह विश्वसनीय और सस्ती सेवा वसीयत तैयार करने में लगने वाले समय को काफी कम कर देगी।
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एचडीएफसी सिक्योरिटीज यह सेवा एक कानूनी साझेदार विल जीनी के साथ मिल कर पेश कर रही है। विल जीनी बिना किसी फोन, ईमेल या मुलाकात के ही लोगों को अपनी व्यक्तिगत ई-वसीयत लगभग 30 मिनट में ऑनलाइन तैयार करने में मदद करेगी।
स्वयं कार्य पूरा करने वाली यह सेवा 100 फीसदी स्वचालित, बाधारहित है। इसे तैयार करने या जांचने में सलाहकार की भूमिका नहीं होती। वसीयत बनाने वाले के पास इसे स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। असीम ध्रू ने आगे कहा कि एक बार स्वीकृत हो जाने पर एक मान्य वसीयत को कार्यान्वयन के लिए तैयार किया जाता है।
डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके एचडीएफसी सिक्योरिटीज लगातार ऐसे प्रयास करती रहती है, जिससे ग्राहकों के हर काम की प्रक्रिया सरल, तेज एवं बेहतर हो और कुल मिला कर ग्राहकों का अनुभव अच्छा हो।
कोई व्यक्ति सिक्योरिटीज की वेबसाइट का पंजीकरण करा कर एक आसानी से अपनी ई-वसीयत तैयार कर सकता है। उस व्यक्ति को केवल इतना करना है कि वह अपनी संपत्तियों की सूची बनाए और यह बताए कि किस संपत्ति की वसीयत किसके नाम करनी है। यह सेवा 4,000 रुपये में उपलब्ध है और सूचनाओं की गोपनीयता की गारंटी देती है।