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आधी होगी केंद्रीय योजनाओं की तादाद

Thu, 23 May 2013 07:31 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 23 May 2013 07:31 PM IST
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half will be number of central schemes

नई-नई योजनाएं शुरू करने के बजाय केंद्र सरकार अब इनकी तादाद सीमित कर प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर देगी।

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इस मुद्दे पर गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने विभिन्न क्षेत्रों की 147 केंद्रीय योजनाओं को मिलाकर सिर्फ 70 योजनाएं जारी रखने का फैसला किया है।

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम बजट भाषण में केंद्र समर्थित योजनाओं (सीएसएस) की तादाद घटाकर 70 करने की घोषणा कर चुके हैं। अब जीओएम के फैसले को मंजूरी के लिए जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।

योजना आयोग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सीएसएस के पुर्नगठन के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को कृषि मंत्री शरद पवार की अध्यक्षता में हुई जीओएम की बैठक में 147 योजनाओं को मिलाकर 70 योजनाएं बनाने को मंजूरी मिल गई है।
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योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्यों को 10 फीसदी फंड अपने तरीके से खर्च करने की छूट भी दी गई है, लेकिन केंद्र सरकार अब धनराशि सीधे योजना को लागू करने वाली एजेंसी को नहीं देगी।
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योजना का फंड एक राज्य स्तरीय कोष को भेजा जाएगा। जीओएम ने केंद्र समर्थित योजनाओं के लिए राज्यों को विशेष दिशा-निर्देश जारी करने का फैसला भी किया है।

बैठक में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी मौजूद थे।

योजना आयोग ने सरकारी योजनाओं को कारगर बनाने के लिए कई तरह के सुझाव दिए हैं।

एक ही तरह की योजनाएं कई मंत्रालयों की ओर से चलाए जाने और बहुत-सी अनुपयोगी योजनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चतुर्वेदी आयोग ने केंद्रीय योजनाओं की तादाद 147 से घटाकर 59 करने का सुझाव दिया था, लेकिन कई मंत्रालयों की आपत्तियों को देखते हुए 70 योजनाओं पर सहमति बनी है।

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