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कोर सेक्टर की ग्रोथ 8 महीने में सबसे कम

Tue, 03 Dec 2013 12:35 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 03 Dec 2013 12:35 PM IST
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growth in 8 core sector industries declines

आर्थिक मोर्चे पर सरकार के लिए कभी खुशी, कभी गम वाली स्थिति पैदा हो रही है। देश के 8 प्रमुख उद्योगों का प्रदर्शन एक बार फिर निराशाजनक रहा है।

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अक्तूबर के दौरान इन उद्योगों के उत्पादन में 0.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई जबकि पिछले साल अक्तूबर में इनमें 7.8 फीसदी की ग्रोथ थी। सितंबर में भी इन उद्योगों का उत्पादन 8 फीसदी बढ़ा था।
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वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, कोयला, तेल और गैस क्षेत्र के खराब प्रदर्शन के चलते कोर सेक्टर में गिरावट आई है।

सितंबर में प्रमुख सूचकांकों में 8 फीसदी बढ़त दर्ज की गई थी। वित्त वर्ष 2013-14 में अप्रैल-अक्तूबर के दौरान कोर सेक्टर की विकास दर 2.6 फीसदी रही जबकि पिछले साल इसी दौरान यह 6.8 फीसदी थी।
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अक्तूबर में गत वर्ष के मुकाबले कोयला उत्पादन 3.9 फीसदी, कच्चे तेल का उत्पादन 0.8 फीसदी, प्राकृतिक गैस का उत्पादन 13.6 फीसदी और रिफाइनरी उत्पादन 4.8 फीसदी गिरा है।

हालांकि, उर्वरक उत्पादन में 4.1 फीसदी, स्टील उत्पादन (एलॉय एवं नॉन एलॉय) में 3.5 फीसदी, सीमेंट में 1 फीसदी और बिजली उत्पादन में 1.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

गत फरवरी में कोर सेक्टर में 2.4 फीसदी की गिरावट आई थी। इसके बाद स्थिति में थोड़ा सुधार दिखा और सितंबर में इन उद्योगों ने 8 फीसदी की वृद्धि दर हासिल कर इकोनॉमी में सुधार की उम्मीदों को जगा दिया था।


लेकिन फिर कोर सेक्टर से मंदी के भंवर में फंसने का डर सताने लगा है। इस साल अप्रैल-अक्टूबर के दौरान कोयला, प्राकृतिक गैस, रिफायनरी प्रोडक्ट और सीमेंट उत्पादन पिछले साल से कम है।

कोयला, बिजली और सीमेंट उत्पादन गिरा
कोर सेक्टर में गिरावट के पीछे कोयला, रिफाइनरी, सीमेंट और बिजली उत्पादन में आई कमी अहम वजह रही है। सितंबर में कोयला उत्पादन 12.5 फीसदी बढ़ा था लेकिन अक्तूबर में यह 3.9 फीसदी कम रहा।

इसी तरह सीमेंट उत्पादन भी सितंबर में 11.5 फीसदी बढ़ा था, जो अक्तूबर में सिर्फ 1 फीसदी बढ़ा। बिजली उत्पादन के मामले में भी झटका लगा है।

सितंबर में यह 12.6 फीसदी बढ़ा था लेकिन अक्तूबर में सिर्फ 1.3 फीसदी की वृद्धि हुई।

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