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भारत-मैक्सिको में कारोबार बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं

Mon, 27 Oct 2014 09:12 AM IST
नई दिल्ली /सुजय मेहदूदिया
नई दिल्ली /सुजय मेहदूदिया Updated Mon, 27 Oct 2014 09:12 AM IST
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 great potential to boost trade between India-Mexico

मेक्सिको के विदेश मंत्री डा. जोस ए मेआडे कुरिबरेना ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के ढांचे में सुधार की जरूरत जताते हुए भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है।

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उन्होंने भारत और मैक्सिको के बीच द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाकर 2015 तक 10 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया।

अंतरराष्ट्रीय संबंधों और नीतियों से जुड़े अध्ययन करने वाले अनंत एस्पेन सेंटर की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में डा. कुरिबरेना ने कहा कि यूएनएससी में ज्यादा देशों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और इसके ढांचे को अधिक क्रियाशील व समावेशी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय अब आ गया है कि इस संगठन में सुधार पर व्यापक चर्चा की जाए।
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उन्होंने कहा कि भारत और मैक्सिको के बीच संबंधों में विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। मैक्सिको दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में भारत का अग्रणी कारोबारी साझेदार है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में दोनों देशों के बीच करीब 254.5 अरब रुपये (4.15 अरब डॉलर) का कारोबार था, जिसे 2015 तक बढ़ा कर 613.3 अरब रुपये (10 अरब डॉलर) तक पहुंचाया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि अपने सहयोगियों के साथ हम काफी मजबूत रिश्ते रखते हैं। इसीलिए जी20 समूह में भारत और मैक्सिको के बीच काफी करीबी दिखाई देती है। मैक्सिको अब भारत की महत्वपूर्ण मैन्यूफेक्चरिंग चेन का हिस्सा बन गया है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2011 में मैक्सिको में भारत से किए जाने वाले निर्यात में 33 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। रसायन, पेट्रोकैमिकल, ऑटो मोबाइल्स, फार्मास्यूटिकल, हीरे, वस्त्र, परिधान और गैसोलीन जैसी चीजें इसमें काफी महत्वपूर्ण हैं।

भारत के साथ मजबूत समझौतों के जरिए दोनों पक्षों के बीच आर्थिक व कारोबारी गतिविधियों को काफी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों के साथ ही हाल ही में मैक्सिको की संसद में हुए ढांचागत बदलावों के बारे में भी कार्यक्रम में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि दोनों अमेरिकी महाद्वीपों में मैक्सिको चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यह दुनिया का 14वां सबसे बड़ा देश है। हमारे पास एक स्थिर अर्थव्यवस्था है और हमारा वित्तीय क्षेत्र खासा गतिशील है। साथ ही मेक्सिको के ऊपर कर्ज का बोझ भी काफी कम है।

इसके बावजूद हम आर्थिक विकास को और तेजी देने के लिए भारत के साथ मजबूत संबंधों को महत्वपूर्ण मानते हैं। हमारी संसद ने हाल ही में कई क्षेत्रों में ढांचगत सुधार का कदम बढ़ाया है। इनमें शिक्षा, दूरसंचार, श्रम और प्रतिस्पर्धा नीति काफी महत्वपूर्ण हैं।


 इसके अलावा वित्तीय, मौद्रिक और ऊर्जा क्षेत्र में भी सुधार किए गए हैं। इन उपायों के जरिए हमने मैक्सिको की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा की क्षमता को बढ़ाने का प्रयास किया है।

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