बदल सकता है आयकर कानून, टीडीएस हो जाएगा आधा!
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आयकर कानून को आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा न्यायमूर्ति आरवी ईश्वर की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने स्रोत पर कर कटौती -टीडीएस-को वर्तमान 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने का सुझाव दिया है।
टीडीएस की घटी हुई दर वैयक्तिक करदाताओं -इंडिविजुअल- और हिन्दू अविभाजित परिवार -एचयूएफ - पर लागू करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा खुदरा निवेशकों द्वारा साल में पांच लाख रुपये से कम की कमाई को कैपिटल गेन के दायरे से निकालने को कहा गया है।
न्यायमूर्ति ईश्वर कमेटी ने 78 पेज की अपनी रिपोर्ट के मसौदे में कहा है कि भारत में करीब 65 फीसदी व्यक्तिगत आयकर टीडीएस के रूप में वूसली जाती है और इसे और आसान बनाये जाने की जरूरत है। इसलिए टीडीएस की दरों को वर्तमान 10 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी किया जाना चाहिए।
खत्म होगा कैपिटल गेन्स और बिजनेस इनकम में असमंजस
कहा जा रहा है कि यदि जस्टिस ईश्वर कमिटी की सिफारिशें लागू हुईं तो कैपिटल गेन्स और बिजनेस इनकम के बीच असमंजस खत्म होगा।
क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि कमेटी की कुछ सिफारिशें बजट में शामिल हो सकती हैं जबकि कुछ सिफारिशें एक्जीक्यूटिव ऑर्डर से भी लागू हो सकती हैं। इनके लिए कानून में संशोधन की आवश्यकता नहीं है। बताया जाता है कि कमेटी ने विभिन्न मदों में टीडीएस की लिमिट में अपेक्षित संशोधन की भी सिफारिश की है।
समिति ने कहा है कि प्रतिभूतियों एवं एनएसएस खाते पर देय ब्याज भुगतान की लिमिट को 2500 रुपये से बढ़ाकर 15000 रुपए और बैंक जमाओं पर ब्याज में छूट की सीमा दस हजार से 15 हजार रुपये हो।