पूंजी के लिए सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी घटाएगी सरकार
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा है कि केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हिस्सेदारी घटा कर 52 फीसदी पर लाने की योजना बना रही है। इससे लगभग 3 लाख करोड़ रुपये पूंजी की जरूरत पूरी होगी।
उन्होंने कहा कि हम बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी घटा कर 52 फीसदी पर लाने का भी प्रयास कर रहे हैं, जिससे लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की पूंजी बैंकों में लगाई जा सकेगी। इससे बैंकों के पास वित्तीय समावेशन के लिए ज्यादा संसाधन होगा।
वहीं वित्त मंत्री ने आगामी शीतकालीन सत्र में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संशोधन विधेयक पेश किए जाने का संकेत देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राज्यों के साथ वार्ता अंतिम चरण में है।
उन्होंने इसी सत्र में बीमा क्षेत्र में भी विदेशी निवेश की सीमा 26 फीसदी से बढ़ा कर 49 फीसदी करने संबंधी विधेयक पारित होने की उम्मीद भी जताई। संसद का शीतकालीन सत्र 24 नवंबर से शुरू हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वह आशा करते हैं कि विपक्ष खासकर मुख्य विपक्षी दल के हमारे दोस्त सत्ता में रहते मौका गंवाने के बाद विपक्ष में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। जीएसटी का मकसद अधिकतर केंद्रीय और राज्य स्तरीय करों को एक में समाहित करने का है।