कोयले के व्यावसायिक उत्खनन की ओर कदम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कोयला क्षेत्र में व्यावसायिक खनन की शुरुआत के लिए रोडमैप तैयार कर लिया है। कोयला मंत्रालय ने रेलवे मंत्रालय को 50 से अधिक रेल परियोजनाओं की सूची भी सौंपी है। कोयले को खदान से गंतव्य तक ले जाने के लिए इन परियोजनाओं को विकसित किया जाएगा ताकि वर्ष 2019 तक एक अरब टन कोयले का सिर्फ उत्पादन ही नहीं बल्कि उसकी ढुलाई की पर्याप्त व्यवस्था हो। कोयला उत्पादन, ब्लॉक नीलामी, व्यावसायिक उत्पादन जैसे कई अहम मुद्दों पर कोयला मंत्रालय के सचिव अनिल स्वरूप के साथ अमर उजाला के संवाददाता राजीव कुमार की विस्तृत बातचीत के अंश
अगले पांच साल में 100 करोड़ टन कोयला उत्पादन का रोडमैप तैयार किया गया है, लेकिन क्या कोयले को खदान की जगह से बाहर तक ले जाने के लिए उस स्तर पर कोई योजना बनाई गई है और क्या कोल इंडिया उस परियोजना में निवेश करेगी?
बिल्कुल निवेश करेगी कोल इंडिया। हमने उस दिशा में काम शुरू कर दिया है। रेलवे बोर्ड को इस प्रकार की 50 से अधिक रेल परियोजनाओं की सूची सौंपी गई है। यह सभी परियोजनाएं कोयला आधारित राज्यों से जुड़ी हैं। रेलवे बोर्ड की तरफ से जवाब आने के बाद यह तय किया जाएगा कि परियोजना में कोल इंडिया अपने स्तर पर निवेश करेगी या रेलवे के साथ संयुक्त निवेश होगा या फिर राज्यों के साथ मिलकर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
अगले पांच साल में 100 करोड़ टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य है, जबकि किसी भी खदान को आरंभ करने में पांच साल का समय लग जाता है। कैसे संभव हो पाएगा यह उत्पादन?
100 करोड़ टन में 80 करोड़ टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य उन खदानों के लिए है, जहां पहले से उत्पादन हो रहा है। नई खदानों से सिर्फ 20 करोड़ टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या-क्या करना है, यह चिह्नित कर लिया गया है। अब उस दिशा में काम किया जा रहा है।
वन व पर्यावरण मंजूरी के साथ अन्य कई मामलों में राज्य स्तर पर समस्याएं आती हैं, उसे कैसे सुलझाएंगे?
मैं खुद व्यक्तिगत रूप से इन मामलों को लेकर संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव के साथ बैठकें कर रहा हूं। अभी झारखंड से आया हूं, फिर रायपुर जा रहा हूं। राज्यों के साथ मिलकर उच्चतम स्तर पर फैसले हो रहे हैं। पर्यावरण व वन मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटर पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल पर इन चीजों की नवीनतम जानकारी होती है।
व्यावसायिक खनन शुरू करने का जिक्र है कोयला अध्यादेश में, कब तक शुरू हो जाएगा व्यावसायिक खनन?
वर्तमान में जो कोयला ब्लॉक की नीलामी व आवंटन की प्रक्रिया चल रही है, उसे समाप्त करने के बाद ही व्यावसायिक खनन के मामले में चिंतन किया जाएगा।
204 कोयला ब्लॉक की नीलामी व आवंटन प्रक्रिया कब तक पूरी हो जाएगी?
101 कोयला ब्लॉक की नीलामी व आवंटन प्रक्रिया शुरू हो गई है। बचे हुए 103 ब्लॉकों की नीलामी व आवंटन प्रक्रिया अगले साल (2016) मार्च तक पूरी हो जाएगी।
कोल इंडिया के विनिवेश को लेकर कहीं फिर से श्रमिक यूनियन की तरफ से विरोध के स्वर तो नहीं आएंगे?
अभी श्रमिक यूनियन के साथ जो समझौता हुआ है, उसमें साफ है कि विनिवेश के मुद्दे पर यूनियनें विरोध नहीं करेंगी।