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नेशनल गोल्ड पॉलिसी बनाए सरकार
एजेंसी
Updated Wed, 10 Dec 2014 09:05 AM IST
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केंद्र सरकार को राष्ट्रीय स्वर्ण नीति बनानी चाहिए। नीति में सोने का एक्सचेंज गठित करने और गोल्ड सेविंग अकाउंट जैसे कई निवेश उत्पाद शुरू करने पर फोकस करना चाहिए, जिससे देश में बेकार पड़े अनुमानित 22,000 टन सोने को इस्तेमाल में लाया जा सके। डब्ल्यूजीसी-फिक्की की एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह बात कही गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा केंद्र सरकार को आयात-निर्यात का प्रबंधन करने, गोल्ड बोर्ड बनाने, एक्रीडेटेड रिफाइनरीज विकसित करने, बैंकों को वित्तीय तौर पर प्रोत्साहन देकर और गोल्ड का अनिवार्य क्वालिटी सर्टिफिकेशन लागू कर सोने के मौद्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी काम करना चाहिए।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और उद्योग संगठन फिक्की द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच वर्ष के दौरान सोने की सालाना औसत खपत 895 टन रही है। यह मौजूदा स्वर्ण भंडार के सिर्फ 4 फीसदी के बराबर है।
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इससे पता चलता है कि अगर घरों में मौजूद सोने के बहुत छोटे हिस्से का भी मौद्रीकरण किया जाए तो इसका सोेने के आयात पर बड़े पैमाने पर असर होगा।
इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए डब्ल्यूजीसी के प्रबंध निदेशक सोमसुंदरम पीआर ने कहा कि आर्थिक ग्रोथ के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में घरों में मौजूद 22,000 टन सोने के मौद्रीकरण और इसका इस्तेमाल करने के लिए रास्ते तलाशना जरूरी है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा केंद्र सरकार को आयात-निर्यात का प्रबंधन करने, गोल्ड बोर्ड बनाने, एक्रीडेटेड रिफाइनरीज विकसित करने, बैंकों को वित्तीय तौर पर प्रोत्साहन देकर और गोल्ड का अनिवार्य क्वालिटी सर्टिफिकेशन लागू कर सोने के मौद्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी काम करना चाहिए।
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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और उद्योग संगठन फिक्की द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच वर्ष के दौरान सोने की सालाना औसत खपत 895 टन रही है। यह मौजूदा स्वर्ण भंडार के सिर्फ 4 फीसदी के बराबर है।
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इससे पता चलता है कि अगर घरों में मौजूद सोने के बहुत छोटे हिस्से का भी मौद्रीकरण किया जाए तो इसका सोेने के आयात पर बड़े पैमाने पर असर होगा।
इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए डब्ल्यूजीसी के प्रबंध निदेशक सोमसुंदरम पीआर ने कहा कि आर्थिक ग्रोथ के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में घरों में मौजूद 22,000 टन सोने के मौद्रीकरण और इसका इस्तेमाल करने के लिए रास्ते तलाशना जरूरी है।