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रेल बजट: कमाई के लिए चोर दरवाजे तलाशेगी सरकार

Tue, 26 Feb 2013 01:02 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 26 Feb 2013 01:02 AM IST
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govt search hidden way for income to railway

रेल मंत्री पवन कुमार बसंल मंगलवार को वर्ष 2013-14 का रेल बजट पेश करेंगे। देश भर के लोगों की नजर इस पर टिकी हैं कि आखिर बंसल की रेल-बांसुरी से कैसे-कैसे सुर निकलेंगे। आगामी लोकसभा चुनाव के साथ ही उन पर इस बात का भी दबाव होगा कि हाल ही में डीजल के दाम बढ़ने से रेलवे की लागत और लाभ में कैसे सामंजस्य बिठाया जाए। इसके लिए कुछ चोर दरवाजों का सहारा लिया जा सकता है।

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माना जा रहा है कि बंसल सीधे रेल किराया बढ़ाने से परहेज करेंगे और इसे कुछ सरचार्ज के रूप में वसूलने के रास्ते तलाशेंगे। हालांकि मालभाडे़ में कुछ बढ़ोतरी की जा सकती है। गौरतलब है कि करीब 17 साल बाद कांग्रेस का कोई मंत्री रेल बजट पेश करेगा। पिछले रेल बजट में दिनेश त्रिवेदी ने किराए में मामूली बढ़ोतरी कर दी थी तो उन्हें कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था।
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इस रेल बजट में 100 नई ट्रेनों की घोषणा के साथ कुछ ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जाने की भी संभावना है। नई ट्रेनों में एसी डबल डेकर्स ट्रेन भी होंगी। रेलवे के मुताबिक गत 22 जनवरी को किराया बढ़ाने के बावजूद विभाग अभी भी 25 हजार करोड़ के घाटे में है। इस हकीकत के मद्देनजर बंसल रेल बजट से पहले कई बार किराया बढ़ाने का संकेत दे चुके हैं।
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रेल मंत्री किराया बढ़ाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और योजना आयोग से कई बार चर्चा कर चुके हैं। लोकसभ चुनाव-2014 के नजदीक होने के कारण कांग्रेस का एक धड़ा अब रेल किराया बढ़ाने जाने के पक्ष में नहीं है। वित्त वर्ष 2013-2014 के लिए  माल भाड़े को लेकर कुछ ऐसी घोषणाएं भी की जा सकती हैं जिससे रेलवे को ज्यादा से ज्यादा माल ढोने को मिले।

वुमेन फ्रेंडली बनेगा रेलवे
रेलमंत्री बंसल ने सोमवार को रेल बजट प्रस्तुत करने से पहले कहा कि भारतीय रेल जल्द ही महिलाओं के लिए हेल्पलाइन शुरू करेगा, जो सभी दिन 24 घंटे काम करेगा। उन्होंने कहा कि 51 हजार डिब्बों में से सभी में महिला कांस्टेबल तैनात करना संभव नहीं है। लेकिन जल्द ही एक टोल फ्री नम्बर निर्धारित किया जाएगा और किसी भी समय फोन करने पर उसी समय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। चेन या पर्स झपटमारी की घटना रोकने के लिए सुनिश्चित किया जाएगा कि महिला डिब्बे में कोई भी पुरुष नहीं चढ़ पाए।

इन पर होगा विशेष ध्यान
खानपान और सफाई व्यवस्था को और ज्यादा दुरुस्त करने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा नेत्रहीन यात्रियों के लिए कोचों में ब्रेल लिपि वाले स्टीकर्स लगाने की भी योजना है। बंसल ने अपने पहले रेल बजट में रेलवे स्टेशनों का विकास करने का भी खाका खींच रखा है।


यह है जनता की अपेक्षा
एसोचैम ने हाल ही में एक सर्वे कराया था। इसमें कहा गया कि 65 फीसदी लोग नई पैसेंजर ट्रेनों पर शुल्क स्थगन चाहते हैं। साथ ही आधुनिकीकरण, सुरक्षा, फायर सिस्टम के अपग्रेडेशन और विकलांग लोगों के लिए सुविधाओं की भी जरूरत बताई थी। सर्वे में तेज गति वाली ट्रेनें, रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बेहतर साफ-सफाई के साथ अच्छी गुणवत्ता का खाना मुहैया कराने की भी बात कही गई र्थी।

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