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सेबी के साथ एफएमसी के विलय पर विचार कर रही सरकार

Sun, 05 Oct 2014 07:04 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Sun, 05 Oct 2014 07:04 PM IST
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Govt looking at merging FMC with Sebi

कमोडिटी वायदा बाजार की बेहतर निगरानी के लिए सरकार वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) को पूंजी बाजार नियामक सेबी के साथ विलय करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

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वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार की तरफ से जिन प्रस्तावों पर विचार किए जा रहे हैं, उनमें एक विकल्प सेबी के साथ एफएमसी के विलय का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा, दूसरे विकल्प के तौर पर सरकार वायदा अनुबंध नियमन अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक के जरिए एफएमसी को अधिक अधिकार देने के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को भी आगे ला सकती है।
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एफएमसी कमोडिटी कारोबार के नियमन का कार्य करता है, जबकि सेबी पूंजी बाजार के कामकाज पर नजर रखता है। दोनों के विलय से वायदा कमोडिटी कारोबार के लिए नियामकीय ढांचे को बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकती है।
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इससे पहले वित्तीय क्षेत्र विधायी सुधार आयोग (एफएसएलआरसी) ने सिफारिश की थी कि सेबी, इरडा, पीएफआरडीए और एफएमसी का विलय कर एक एकल इकाई यूनीफाइड फाइनेंशियल एजेंसी (यूएफए) बना देनी चाहिए।


करीब 5,600 करोड़ रुपये के एनएसईएल घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद पिछले साल सितंबर में सरकार ने एफएमसी को वित्त मंत्रालय के दायरे में ला दिया था। इससे पहले एफएमसी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत था।

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