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सरकार बढ़ा सकती है चीनी के लेवी दाम

Tue, 08 Jan 2013 10:06 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Tue, 08 Jan 2013 10:06 PM IST
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govt likely to hike levy price of sugar by rs 2 kg for this yr

सरकार राशन की दुकानों पर बेचने के लिए मिलों से खरीदी जाने वाली चीनी की कीमत (लेवी मूल्य) चालू वर्ष के लिए करीब 2 रुपये बढ़ाकर 22 रुपये प्रति किलो के आसपास कर सकती है। विपणन वर्ष 2011-12 (अक्तूबर-सितंबर) में चीनी का लेवी मूल्य 19.04 रुपये प्रति किलो था।

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सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में चीनी की लेवी कीमत में 2 रुपये प्रति किलो से अधिक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। लेवी कीमत बढ़ने से 400-500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी का बोझ बढ़ेगा। चीनी उद्योग पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में है। चीनी मिलों को सरकारी राशन दुकानों की मांग को पूरा करने के लिए अपने उत्पादन का 10 फीसदी हिस्सा लेवी भाव पर सरकार को बेचना होता है। लेवी कीमत का आकलन उचित और लाभदायक मूल्य (एफआरपी) के आधार पर किया जाता है। विपणन वर्ष 2012-13 के लिए एफआरपी 170 रुपये प्रति क्विंटल था।
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सरकार चीनी मिलों से बाजार भाव से कम मूल्य पर चीनी खरीदती है और राशन दुकानों पर 13.50 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचती है। हर साल सरकार गरीबों को राशन की दुकानों के जरिए 27 लाख टन चीनी बेचती है। अधिकारी ने बताया कि चीन की लेवी कीमत हर साल बढ़ रही है लेकिन खुदरा मूल्य में 2002 से कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने चालू वर्ष में चीनी उत्पादन 2.3 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया है। पिछले साल चीनी उत्पादन 2.6 करोड़ टन था। घरेलू मांग 2.1 से 2.2 करोड़ टन रहने का अनुमान है और इस लिहाज से उत्पादन पर्याप्त है। अधिकारी ने कहा कि सरकार अगले महीने गन्ना उत्पादन के दूसरे अग्रिम अनुमान के आधार पर चीनी उत्पादन के अनुमान में संशोधन कर सकती है।
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