फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   govt imposes import duty on crude edible oil

कच्चे खाद्य तेलों पर 2.5 फीसदी आयात शुल्क

Thu, 17 Jan 2013 09:49 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 17 Jan 2013 09:49 PM IST
विज्ञापन
govt imposes import duty on crude edible oil

सरकार ने कच्चे खाद्य तेलों (गैर रिफाइंड) के आयात पर 2.5 फीसदी शुल्क लगा दिया है। लेकिन, खुदरा कीमतें बढ़ने की आशंका के चलते रिफाइंड कूकिंग तेल पर आयात शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। उद्योग ने सरकार के इस फैसले की निंदा की है। उद्योग का कहना है कि कच्चे खाद्य तेल पर आयात शुल्क लगने से सेक्टर साथ ही साथ किसानों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार, आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने बृहस्पतिवार को बैठक में खाद्य तेलों पर यह दोहरा फैसला किया है।

विज्ञापन


अभी कच्चे खाद्य तेल पर आयात शुल्क नहीं लगता है, जबकि रिफाइंड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 7.5 फीसदी है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता का कहना है कि पहले रिफाइंड तेल और कच्चे खाद्य तेल के बीच आयात पर शुल्क में 7.5 फीसदी का अंतर था। सरकार के इस निर्णय के बाद यह अंतर घटकर 5 फीसदी रह जाएगा। इससे आरबीडी पॉमोलीन के आयात को प्रोत्साहन मिलेगा और घरेलू रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचेगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि घरेलू खाद्य तेल रिफाइनिंग कंपनियां पहले से ही मलयेशिया और इंडोनेशिया के प्रतिकूल शुल्क ढांचे के चलते मुश्किलों से जूझ रही हैं। हमने सोयाबीन और सरसों किसानों के हितों को देखते हुए सरकार से क्रूड पाम ऑयल पर आयात शुल्क बढ़ाकर 10 फीसदी और रिफाइंड पाम ऑयल पर 20 फीसदी करने की मांग की थी। घरेलू रिफाइनिंग कंपनियां फिर से सरकार से मिलकर इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करेंगी। भारत अपनी कूकिंग तेल की कुल घरेलू जरूरत का करीब आधा हिस्सा आयात करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed