प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 31 सेज डेवलपर्स को मिला अधिक समय
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केंद्र सरकार ने 31 स्पेशल इकनॉमिक जोन डेवलपर्स और यूनिटों को अपना प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए अधिक समय दिया है। इनमें टोरेंट फार्मा और काकीनादा सेज भी शामिल हैं।
वाणिज्य सचिव राजीव खेर की अगुवाई में 20 फरवरी को हुई बोर्ड ऑफ अप्रूवल (बीओए) की बैठक में यह फैसले लिए गए। बीओए 19 सदस्यीय अंतर मंत्रालयी बॉडी है, जो सेज से जुड़े मामलों को देखती है। दाहेज सेज लिमिटेड में एक यूनिट टोरेंट फार्मास्युटिकल्स ने अपने लेटर ऑफ परमिशन का विस्तार 2 दिसंबर, 2014 से आगे करने की मांग की थी।
बीओए की बैठक के मिनट्स में कहा गया है कि बोर्ड ने विचार विमर्श के बाद एलओपी की बैधता 2 दिसंबर, 2015 तक बढ़ा दी है। अधिक समय मांगने वाले सभी डेवलपर्स को अपने सेज प्रोजेक्ट और यूनिट्स को पूरा करने के लिए एक वर्ष का समय मिला है।
अधिक समय पाने वाले दूसरे डेवलपर्स में स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, सराफ एजेंसीज और गोल्डेन टावर इंफ्राटेक शामिल हैं। हाल में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद को बताया कि मंत्रालय ने पिछले तीन वर्ष के दौरान 211 सेज डेवलपर्स को अपने प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए अधिक समय दिया है।
इसके अलावा बोओए ने अदाणी पोर्ट एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन लिमिटेड के गुजरात में मल्टी प्रोडक्ट जोन स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार विमर्श किया। बोर्ड ने अदाणी पोर्ट एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन लिमिटेड को मुंद्रा तालुका में मल्टी प्रोडक्ट सेज स्थापित करने के प्रस्ताव पर औपचारिक मंजूरी देने का फैसला किया है।