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छोटी बचत पर ब्याज दर घटाने की तैयारी में सरकार

Thu, 14 Jan 2016 11:04 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 14 Jan 2016 11:04 PM IST
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Govt gears up to cut interest rate on PPF and Post office deposits

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में कटौती के करीब तीन महीने बाद सरकार पब्लिक प्रोविडेंट फंड -पीपीएफ- और डाकघरों में मिलने वाले सेविंग सर्टिफिकेट पर ब्याज दरों में कटौती की तैयारी कर रही है। अभी तक सालाना आधार पर तय हो रहे ब्याज दर को तिमाही आधार पर तय करने की खबर है।

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इसके लिए आने वाले दिनों में अधिसूचना जारी होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। यदि ऐसा हुआ तो आम नागरिकों की बचत पर रिटर्न घट जाएगा। सरकारी सूत्र बताते हैं कि छोटी बचत के लिए एक नया फार्मूला तैयार किया जा रहा है। इसके तहत छोटी बचत पर दरों को समान परिपक्वता अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाले रिटर्न से जोड़ा जाएगा।
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इससे बचत के इन साधानों पर मिल रहे ब्याज दरों में आधा फीसदी की कटौती हो सकती है। यही नहीं, इस समय ऐसी बचतों पर दिए जाने वाले ब्याज में जो सालाना संशोधन होता है, उसे भी तिमाही करने की बात चल रही है।

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कम समय की स्कीम में ज्यादा कटौती संभव

Govt gears up to cut interest rate on PPF and Post office deposits

मंत्रालय बचत के किसी खास साधन के लिए अलग ब्याज दर भी तय कर सकता है। यही नहीं, पांच साल से कम परिपक्वता अवधि वाले साधनों पर दर में ज्यादा कटौती भी हो सकती है। हालांकि ऐसा संकेत है कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बालिकाओं के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना जैसे साधनों पर ज्यादा कटौती नहीं होगी।

उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में नए दर अधिसूचित कर दिए जाएंगे। पिछले साल सितंबर में जब रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की थी, उसी समय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दे दिया था कि छोटी बचत, जैसे पीपीएफ और डाकघर जमाओं पर भी ब्याज दर में कटौती की जाएगी।

उल्लेखनीय है जहां बैंक जमाओं पर ब्याज दर बैंक अपने आप तय करती है, वहीं पीपीएफ एवं डाकघर की जमाओं पर ब्याज दर वित्त मंत्रालय तय करती है। रिजर्व बैंक से हरी झंडी मिलने के बाद बैंकों ने अपने हिसाब से ब्याज दर में फेरबदल कर दी लेकिन छोटी बचत के साधनों पर फैसला नहीं हो पाया है। अब जबकि उद्योग जगत की तरफ से इन पर ब्याज दर में कटौती का दवाब बढ़ गया है तो सरकार सक्रिय हो गई है।

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