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अब डाकघर की बचत योजनाओं में मिलेगा कम ब्याज

Wed, 17 Feb 2016 06:06 AM IST
Updated Wed, 17 Feb 2016 06:06 AM IST
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Govt cuts interest rate on small saving schemes of post office

सरकार ने डाकघर की छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दर में चौथाई फीसदी की कटौती कर दी है। अब डाकघरों में एक, दो और तीन साल की टर्म डिपोजिट योजनाओं, किसान विकास पत्र और पांच साल की आवर्ती (रेकरिंग) जमा योजना में 0.25 फीसदी कम ब्याज मिलेगा।

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अभी तक अन्य सरकारी प्रतिभूतियों की तुलना में डाकघर में चल रही इन योजनाओं पर 0.25 फीसदी अधिक ब्याज मिलता था। हालांकि मासिक आय योजना (एमआईएस), पीपीएफ, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और बेटियों के लिए चलाई जाने वाली लंबी अवधि की बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरें जस की तस हैं।
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वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है सरकार ने डाकघरों से चलने वाली इन योजनाओं की ब्याज दरों को अन्य सरकारी बचत योजनाओं की ब्याज दरों के बराबर करने के लिए यह फैसला किया है।
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एक अप्रैल से हर तिमाही होगा ब्‍याज दरों में बदलाव

Govt cuts interest rate on small saving schemes of post office

सरकार की ओर से डाकघरों की छोटी बचत योजनाओं पर अन्य सराकारी प्रतिभूतियों की तुलना में दिया जाने वाला ज्यादा ब्याज 1 अप्रैल, 2016 से खत्म हो जाएगा। इस तरह आगे की ब्याज दरें हर तिमाही में संशोधित हो जाएंगी।

सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और मासिक आय योजना (एमआईएस) पर सरकारी प्रतिभूतियों से क्रमश: 0.75, 1.00 और 0.25 फीसदी अधिक ब्याज मिलता है। लेकिन इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की गई है। इसी तरह पीपीएफ, पंचवर्षीय टर्म डिपोजिट और इसी अवधि के नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर मिलने वाला मौजूदा ब्याज भी बरकरार है।

इस वक्त सुकन्या समृद्धि योजना पर सालाना 9.2 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है, जबकि मासिक आय योजना पर 8.4 फीसदी की दर से ब्याज दिया जाता है। पीपीएफ पर 8.7 की दर से ब्याज मिलता है। 

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