रेस्टोरेंट में आप के साथ कुछ इस तरह हो रही है ठगी, क्या आपको है पता?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगली बार जब आप रेस्तरां में खाने जाएं तो बिल एक बार जरूर चेक कर लें,कहीं आप ज्यादा तो पेमेंट नहीं कर रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कुछ रेस्तराओं और होटलों की ओर से लिया गया ‘सर्विस चार्ज’सेवा कर (सर्विस टैक्स) नहीं है।
दरअसल यह लेवी है, जो कुल बिल पर 5.8 की दर से वसूली जाती है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर साफ कहा है कि कुछ होटलों, रेस्तोरेंट्स और खाने-पीने की दुकानों पर खाने-पीने की चीजों पर सर्विस चार्ज लगाया जा रहा है।
यह बिल में जोड़ा जाता है। यह लेवी वह अपने पास रखते हैं। कुछ उपभोक्ताओं को गलतफहमी है कि सर्विस चार्ज के नाम पर जो वसूला जा रहा है वह सर्विस टैक्स है और उसे सरकार की ओर से वसूला जा रहा है।
ये है असली दर
गौरतलब है कि खाने-पीने की एयरकंडीशनर दुकानों और होटलों में उपभोक्ताओं के बिल की 40 फीसदी राशि पर 14 फीसदी के हिसाब से सर्विस टैक्स लगता है।
एयरकंडीशनर या इमारत में किसी जगह सेंट्रल हीटिंग सिस्टम वाले होटलों में बिल पर सर्विस टैक्स की प्रभावी दर 5.6 फीसदी ही है।
सरकार ने 1 जून से सर्विस टैक्स की दर 12.36 से बढ़ा कर 14 फीसदी (एजुकेशन सेस मिलाकर) कर दी थी।