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खुशखबरी! सरकारी बैंक करेंगे 50 हजार भर्तियां

Wed, 03 Jul 2013 07:49 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 03 Jul 2013 07:49 PM IST
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govt bank will give 50 thousand jobs

बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी है। चालू वित्त वर्ष 2013-14 के दौरान सरकारी बैंकों ने 8 हजार नई शाखाएं खोलने का लक्ष्य तय किया है। इससे करीब 50 हजार लोगों को रोजगार के मौके मिलेंगे।

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नकद भुगतान योजना के तहत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए बैंकों की पहुंच बढ़नी जरूरी है।

इसे ध्यान में रखते हुए सरकारी बैंक 8 हजार नई शाखाएं खोलने की तैयारी में जुटे हैं। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को भी करीब 2 हजार शाखाएं खोलनी हैं।

चिदंबरम फिर बोले, कर्ज सस्ता करें सरकारी बैंक
वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से एक बार फिर कर्ज सस्ता करने को कहा है। बुधवार को सरकारी बैंकों के प्रमुखों की बैठक में वित्त मंत्री ने ब्याज दरों में कटौती करने, टॉप डिफाल्टरों से वसूली में तेजी लाने और अटके हाउसिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को कर्ज उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
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वित्त मंत्री ने सरकारी बैंक प्रमुखों से कहा कि ब्याज दरों में कटौती किए जाने की जरूरत है। इस पर बैंकों का कहना है कि अगर रिजर्व बैंक रेपो रेट के बजाय कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में कमी करता है, तो बैंकों के लिए कर्ज की ब्याज दरें घटाना आसान हो जाएगा।
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वित्त मंत्री का कहना है कि बेस रेट में कमी से ही कर्ज की ब्याज दरों में कटौती का रास्ता खुलेगा। पिछले छह महीनों के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ब्याज दरों में करीब 1.25 फीसदी की कटौती कर चुका है लेकिन बैंकों ने अपनी ब्याज दरें करीब 0.30 फीसदी ही घटाई हैं।

वित्त मंत्री ने कृषि और लघु व मझोले उद्योगों को कर्ज पर बढ़ाने पर भी जोर दिया है। वित्त मंत्री ने बैंकों को अटके हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को कर्ज मुहैया करने का सुझाव भी दिया है। इस पर बैंकों ने हाउसिंग प्रोजेक्ट के प्रोविजनिंग मानकों में छूट की मांग की है।

बैंकों के बढ़ते एनपीए (चुकता न होने वाले कर्ज) पर चिंता जताते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि बैंकों का एनपीए बढ़ने में बड़ा हिस्सा टॉप 30 डिफाल्टरों का है। इसलिए, बैंक इन डिफाल्टरों से कर्ज वसूली में तेजी लाएं। पिछले दो साल में सरकारी बैंकों का एनपीए बढ़कर दोगुना हो चुका है।

बीओआई ने सस्ता किया कर्ज, एसबीआई का इनकार
सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ हुई वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की बैठक के कुछ घंटे बाद ही बैंक ऑफ इंडिया ने अपने बेस रेट में चौथाई फीसदी की कटौती की घोषणा कर दी। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने फिलहाल बेस रेट में कटौती से इनकार किया है।


बैंक ऑफ इंडिया ने बयान जारी कर बताया कि उसकी बेस रेट आगामी 8 जुलाई से 10.25 फीसदी की बजाय 10 फीसदी हो जाएगी। दूसरी तरह, स्टेट बैंक ने बेस रेट में कटौती करने से इनकार किया है। एसबीआई के चेयरमैन प्रतीप चौधरी का कहना है कि बाजार में हमारा बेस रेट अभी सबसे कम 9.7 फीसदी है। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सभी बैंकों से बेस रेट घटाकर एसबीआई के बराबर करने को कहा है।

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