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गैस पूलिंग को मंजूरी, बिजली परियोजनाओं को फायदा

Thu, 26 Mar 2015 06:05 PM IST
Updated Thu, 26 Mar 2015 06:05 PM IST
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Govt allow gas pooling, Power project will get benifit

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने बुधवार को बिजली क्षेत्र को संकट से उबारने के लिए गैस कीमतों की पूलिंग की नीति को अपनी मंजूरी दे दी।

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सरकार के इस बड़े फैसले से गैस की किल्लत के चलते बेकार पड़े 24,800 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांटों को जीवनदान मिल गया। इससे घरों में पाइप के माध्यम से होने वाली गैस की आपूर्ति में भी बढ़ोतरी होगी।
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सरकार ने अपने फैसले में ऐसा प्रावधान किया है कि गैस की पूलिंग से बिजली की कीमत में बढ़ोतरी नहीं होगी। क्योंकि गैस पूलिंग से जुड़े स्टेकहोल्डर्स इस काम में कोई मुनाफा नहीं कमाएंगे। गैस पूलिंग के इस फैसले से गैस आधारित पावर प्लांटों में निवेश किए गए लगभग एक लाख करोड़ रुपये गैर निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) की श्रेणी में जाने से बच जाएंगे।
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देश में इस समय ग्रिड से जुड़े 24,150 मेगावाट क्षमता के गैस आधारित पावर प्लांट हैं। इनमें से 14,305 मेगावाट क्षमता वाले प्लांट को गैस की कोई आपूर्ति नहीं की जा रही है और यह पावर प्लांट बिल्कुल बेकार पड़े हैं। इनके बेकार होने से 60,000 करोड़ रुपये एनपीए होने के कगार पर थे।

बाकी के 9,845 मेगावाट को घरेलू स्तर पर काफी कम मात्रा में गैस की आपूर्ति की जा रही थी जो 30 फीसदी से भी कम प्लांट लोड फैक्टर पर चल रहे हैं। इन 9,845 मेगावाट में 40,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

जल्द शुरु होगी गैस नीलामी प्रक्रिया

Govt allow gas pooling, Power project will get benifit

सरकार के फैसले के मुताबिक गेल इंडिया और जीएसपीएल गैस का आयात करेंगे और रिवर्स बिडिंग के आधार पर गैस आधारित पावर प्लांट गैस की खरीदारी के लिए नीलामी में भाग लेंगे। नीलामी में जो कंपनी कम से कम मदद की मांग करेंगी उसे आयातित गैस की आपूर्ति की जाएगी।

ये पावर प्लांट 30-40 फीसदी पीएलएफ पर चलाए जाएंगे। सबसे बड़ी बात है कि गैस पूल के मामले में गेल, जीएसपीएल या गैस की ढुलाई करने वाली रिलायंस की आरजीटीएल कंपनी कोई मुनाफा नहीं लेगी।

वहीं स्थानीय एजेंसियां भी विभिन्न प्रकार के करों को माफ करेंगी। सरकार गैस पूल को अंजाम देने के लिए पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड बनाने जा रही है। गैस की नीलामी की जिम्मेदारी एमएसटीसी को दी गई है।

बिजली, कोयला व नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक अगले 30-35 दिनों में गैस की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

बरसात के मौसम के पहले 10 एमएमएससीएमडी एलएनजी का आयात किया जाएगा और उसके बाद यह आयात 18 एमएमएससीएमडी का हो जाएगा। गैस पूल के जरिए उत्पादित बिजली की कीमत प्रति यूनिट 5.50 रुपये से अधिक नहीं होगी।

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