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मैन्यूफैक्चरिंग हब के रूप में दुनिया को लुभाएगा भारत
नई दिल्ली /सुजय मेहदूदिया
Updated Tue, 23 Sep 2014 09:12 PM IST
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केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद भारत को दुनिया में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग हब के रूप में प्रमोट करने के लिए कई देशों की यात्रा करेंगे। प्रसाद का कहना है कि सरकार सैकड़ों वर्ष पुराने और गवर्नेंस में बाधक कानूनों और नियमों को रद्द करने के लिए कदम भी उठा रही है।
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भारत को मैन्यूफैक्चरिंग हब के तौर पर प्रमोट करने के लिए हाल में जर्मनी की यात्रा करने वाले प्रसाद ने कहा कि वे भारत को आयात पर कम निर्भर बनाने के नरेंद्र मोदी सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अगले कुछ माह में दक्षिण कोरिया, इजरायल और अमेरिका की यात्रा करेंगे।
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आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए) के उद्घाटन समारोह से इतर रवि शंकर प्रसाद ने कह कि हम इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग को जोर-शोर से बढ़ावा दे रहे हैं और यह सरका के एजेंडे में प्राथमिकता के तौर पर शामिल है। भारत में आयात करना भारत में बनाने से ज्यादा सुविधाजनक था।
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उन्होंने बताया कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ावा देने के लिए भोपाल और जबलपुर में 6 अक्टूबर के आसपास क्लस्टर की आधारशिला रखी जाएगी।
प्रसाद ने बताया कि वे जर्मनी की अपनी यात्रा के दौरान ओसराम, इनफेनियन टेक्नोलॉजी, बॉश, रोदे एंड स्वार्ज वॉन आर्देेने कंपनियों के प्रमुखों और जर्मन इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन से भी मिले थे।
उन्होंने कहा कि जर्मन कंपनियां भारत की ओर देख रहीं। वे देश की तकनीकी ताकत को पहचानती हैं और भारत आने को उत्सुक हैं। मैने उनसे कोई नकारात्मक बात नहीं सुनी।
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि इसी तरह से नरेंद्र मोदी सरकर के एजेंडे में सैकड़ो पुराने कानूनों और नियमों को खत्म करना भी प्राथमिकता है।
इस बारे में एक विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में लाया जाएगा। एनडीए सरकार 32 अधिनियमों को रद्द करने के लिए बजट सत्र में लोकसभा में एक विधेयक पहले ही पेश कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि 2001 के बाद से यह पहली बार है, जब कानून मंत्रालय द्वारा यह कवायद की जा रही है। 32 अधिनियमों को रद्द करने के लिए एक विधेयक पहले से ही लंबित है। प्रधानमंत्री कार्यालय में इस पर काम हो रहा है।
लॉ कमीशन अपनी सिफारिशें दे चुका है और अगले सत्र में हम सैकड़ों कानूनों को रद्द करने के लिए एक और विधेयक लाने जा रहे हैं।
कानून मंत्रालय ने लॉ कमीशन को ऐसे कानूनों की सिफारिश करने को कहा है, जिन्हें रद्द किया जा सके। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले माह बेकार या पुराने कानूनों की पहचान करने के लिए एक अलग समिति का गठन किया है।