कोयले की चोरी रोकने के लिए बनेगी स्पेशल फोर्स
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सरकार इस कदम से कोयले के संकट से जूझ रहे बिजली संंयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद कर रही है।ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार खदानों से कोयले की चोरी गंभीर समस्या है। इसे देखते हुए मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के साथ बातचीत की है। ऊर्जा मंत्रालय ने इसके लिए एक स्पेशल टॉस्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव दिया है। जिस पर मोटे तौर पर गृह मंत्रालय से आश्वासन भी मिल गया है, कि वह इस संबंध में जरूरी सहयोग देगा।
कोयले की चोरी को देखते हुए ऊर्जा मंत्रालय ने बनाया रोडमैप
ऊर्जा मंत्रालय ने इसके अलावा खदानों पर नजर रखने के लिए एक केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली विकसित करने की योजना भी तैयार की है। जिसकी निगरानी तीन स्तर पर की जाएगी। कोयला खदान, कोलकाता स्थित कोल इंडिया के मुख्यालय और दिल्ली से खदानों की निगरानी होगी। सरकार की कोशिश है कि इन कदमों के जरिए देश की प्रमुख कोयला खदानों से कोयले की होने वाली चोरी पर लगाम लगाई जाए।देश में इस समय पॉवर प्लांट कोयले की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। केंद्रीय विद्युत नियामक के अनुसार चार सितंबर तक कोयले से चलने वाले देश के 100 पॉवर प्लांट में से 83 के पास कोयले का स्टॉक क्रिटिकल स्थिति में है। इनमें से 55 के पास सात दिन से भी कम का कोयला है, वहीं 28 के पास तो चार दिन से भी कम का कोयला बचा है। जबकि सामान्य स्थिति में १५-३० दिन स्टॉक प्लांट के पास होना चाहिए।