फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   government may increase agri insurance limit

कमजोर मानसून के चलते मोदी सरकार ने लिया ये फैसला

Wed, 30 Jul 2014 08:42 AM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला दिल्ली
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला दिल्ली Updated Wed, 30 Jul 2014 08:42 AM IST
विज्ञापन
government may increase agri insurance limit

सरकार ने इसके तहत कृषि बीमा का दायरा बढ़ाने की कवायद शरू कर दी है। जिससे कि सूखे की स्थिति में किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। कृषि बीमा के तहत किसानों को कम बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान, राष्ट्रीय फसल बीमा कार्यक्रम के तहत फसलों का बीमा, रबी सीजन की फसलों के लिए बीमा आदि के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

सूखे के खतरे को देखते हुए सरकार ने शुरू की कवायद

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय ने वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाल में बैठक की है। जिसके तहत कमजोर मानसून को देखते हुए सूखे से निपटने की तैयारी पर चर्चा की गई है। इसमें फसलों को होने वाले नुकसान पर भी विचार-विमर्श किया गया है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बैठक में खास तौर से कृषि बीमा योजनाओं की समीक्षा की गई है। जिससे कि किसानों को उनके फसल के नुकसान होने पर बीमा के जरिए बेहतर तरीके से सुरक्षा मिल सके। अधिकारी के अनुसार बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि मौजूदा पैमाने को किस तरह से लागू किया जाय, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग दायरे में आ सके । 

विज्ञापन

एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के ताजा आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय कृषि बीमा स्कीम के तहत साल 1999 से खरीफ सीजन 2013 के तहत जून 2014 तक 21 करोड़ से ज्यादा किसान इसके दायरे में आ चुके हैं। इसी तरह मौसत आधारित बीमा स्कीम जिसे साल 2007 में शुरू किया गया था, उसमें 3 करोड़ से ज्यादा किसान बीमा के दायरे में हैं। ऐसे ही 2010-11 में शुरू की गई संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत 75 लाख किसानों को बीमा के दायरे में लाया गया है।

विज्ञापन

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मानसून अभी तक सामान्य से 25 फीसदी कम रहा है। जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा में मानसून की इससे भी खराब स्थिति है। जिसे देखते हुए फसल बीमा का लाभ ज्यादा से ज्यादा किसानों की पहुंचाने की कवायद हैै।

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed