फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   government engages the services of KPMG on revamping and modernisation of CIL

कोल इंडिया को सुधारने के लिए तैयार हो रही रिपोर्ट

Fri, 07 Nov 2014 07:46 PM IST
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया Updated Fri, 07 Nov 2014 07:46 PM IST
विज्ञापन
 government engages the services of KPMG on revamping and modernisation of CIL

ऊर्जा क्षेत्र में कोयले की किल्लत को दूर करने के लिए कमर कस चुकी केंद्र सरकार देश में कोयले की मुख्य आपूर्तिकर्ता कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का प्रदर्शन सुधारने के लिए जोखिम प्रबंधन और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी सेवाएं देने वाली कंपनी केपीएमजी की सेवाएं लेगी। सरकार ने केपीएमजी को सीआईएल का ऑडिट कर कंपनी का हाल सुधारने के लिए उपाय सुझाने को कहा है। सरकार की ओर से यह कदम 2019 तक कोल इंडिया के सालाना उत्पादन को एक अरब टन के स्तर तक ले जाने के लक्ष्य का पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

विज्ञापन


मामले से जुड़े सूत्रों का बताना है कि केपीएमजी इसपर काम शुरू कर चुकी है। इस क्रम में उसके अधिकारी सीआईएल की सहायक कंपनियों के अधिकारियों से मिलकर कोल इंडिया की खानों और खदानों के आधुनिकीकरण के उपायों पर चर्चा करके इसपर सुझावों को जानने का प्रयास कर चुके हैं। सरकार ने केपीएमजी को सीआईएल की खानों के तकनीकी उन्नयन पर भी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
विज्ञापन


केपीएमजी के मुताबिक कोल इंडिया की सहायक कंपनियों के आला अधिकारी कंपनी के आधुनिकीकरण के कुछ सुझावों को मंजूर कर लिया है, जबकि कुछ सुझावों को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया है कि यह उनकी कंपनी पर लागू नहीं होते। केपीएमजी ने तकनीकी आधुनिकीकरण के लिए सीआईएल की सहायक कंपनियों डब्ल्यूसीएल, एसईसीएल और एमसीएल की कोयला खानों का चुनाव कर लिया है। अन्य सहायक कंपनियों की खानों के चुनाव के लिए वह जल्द ही इन कंपनियों से संपर्क करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


केपीएमजी द्वारा सीआईएल की अन्य खानों के आधुनिकीकरण के आगे के अध्ययन के लिए सीआईएल की सहायक कंपनियों को अन्य खानों को अध्ययन के लिए उपलब्ध कराना होगा। अध्ययन में अन्य कोयला खानों को शामिल करने को लेकर सीआईएल ने सहायक कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी नामित कर दिया है, जिन्हें इन खानों की सूची उपलब्ध करानी होगी।

केपीएमजी फिलहाल 70 कोयला खानों के आधुनिकीकरण को लेकर अध्ययन कर रही है। उसने अध्ययन में अन्य कोयला खानों को शामिल करने पर सरकार की ओर से उसे मिलने वाली रकम में बढ़ोतरी करने को भी कहा है, क्योंकि मूल योजना में 70 कोयला खानों के अध्ययन का काम ही शामिल है। कोयला मंत्रालय के सचिव का कहना है कि इस पर सहायक कंपनियों की ओर से अध्ययन की जाने वाली नई खानों की सूची मिल जाने के बाद विचार किया जाएगा।


गौरतलब है कि पिछले दिनों कोल इंडिया के आधुनिकीकरण को लेकर हुई एक बैठक में कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने ऐसी खानों को लेकर एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट पेश करने को कहा था, जिनका आकार बढ़ाया जाना है। उन्होंने सीआईएल से यह देखकर बताने को कहा था कि आकार के लिहाज से उत्पादन पर महत्वपूर्ण असर डालने वाली कोयला खानें उसकी तिमाही प्रगति रिपोर्ट (क्यूपीआर) में शामिल हैं या नहीं? गोयल ने कहा था कि आधुनिकीकरण के सुझाव के मद्देनजर केवल उन्हीं खानों की सूची तैयार की जाए, जो सीआईएल की क्यूपीआर के दायरे में नहीं आती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed