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सेल में 5.82 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 21 Mar 2013 07:31 AM IST
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इस्पात कंपनी स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में सरकार ऑफर ऑफ सेल (ओएफएस) के जरिए अपनी 5.82 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। इस विनिवेश से सरकार को करीब 1,564 करोड़ रुपये हासिल होने की उम्मीद है।
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अधिकार प्राप्त मंत्री समूह (ईजीओएम) ने बुधवार को सेल में 10.82 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी। वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि कंपनी का इश्यू 22 मार्च यानी शुक्रवार को बाजार में आएगा। इस इश्यू के बेस प्राइज (आधार मूल्य) की घोषणा बृहस्पतिवार को बाजार बंद होने के बाद की जाएगी।
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सेल में विनिवेश की घोषणा के बाद बीएसई पर उसके शेयर पिछले सत्र के मुकाबले 0.61 फीसदी गिरकर 65.05 रुपये पर बंद हुए।
इस भाव पर यदि ऑफर को पूर्ण अभिदान मिलता है, तो सरकार को 5.82 फीसदी हिस्सेदारी यानी 24,03,96,572 शेयरों की बिक्री से 1,564 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
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विनिवेश सचिव रवि माथुर ने संवाददाताओं को बताया कि सेल के ऑफर ऑफ सेल (ओएफएस) को ईजीओएम ने मंजूरी दे दी है। यह इश्यू बाजार में 22 मार्च को आएगा। सेल में शेयर बिक्री के बारे में शेयर बाजारों को विस्तृत ब्योरा दिया जाएगा।
सेल के प्रस्तावित विनिवेश के लिए विनिवेश विभाग (डीओडी) पहले ही सिंगापुर, हांगकांग, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों में रोड शो और निवेशकों के साथ बैठकें कर चुका है। सेल स्टील मंत्रालय के अधीन है।
सेल की इश्यू के लिए मर्चेंट बैंकर्स में एसबीआई कैप, कोटक महिंद्रा और डाइचे बैंक शामिल हैं। विनिवेश के बाद सेल में सरकार की हिस्सेदारी घटकर 75 फीसदी रह जाएगी। 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही में सेल का शुद्ध मुनाफा 23 फीसदी घटकर 484 करोड़ रुपये रह गया था।
पिछले साल जुलाई में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने ओएफएस के जरिए सेल में 10.82 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी थी।
हालांकि, बाजार की डंवाडोल स्थिति के चलते इस प्रस्ताव पर आगे कदम नहीं बढ़ाया गया। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 24,000 करोड़ रुपये जुटाने का संशोधित लक्ष्य रखा है। वह अबतक सार्वजनिक कंपनियों में विनिवेश से 22,300 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।