फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   government and states make roadmap for 24 hrs electricity

हर घर में 24 घंटे बिजली के लिए बना रोडमैप

Wed, 10 Sep 2014 09:10 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला दिल्ली।
ब्यूरो /अमर उजाला दिल्ली। Updated Wed, 10 Sep 2014 09:10 AM IST
विज्ञापन
government and states make roadmap for 24 hrs electricity

मंगलवार को केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर यह रोडमैप तैयार किया है। जिसमें समयबद्ध तरीके से सभी क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ अटके कामों को पूरा करने की बात की गई है। इसके अलावा प्रोजेक्ट क्लीयरेंस में आने वाली बाधाओं को दूर करने के साथ पॉवर प्लांट को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। साथ गैर परंपरागत उर्जा के तरीकों को भी अपनाने की बात की गई है।ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के साथ राज्यों की हुई बैठक के तहत यह तय किया गया है कि दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और समेकित बिजली विकास योजना में राज्य भागीदारी कर उसका लाभ लेंगे। इसके साथ ही ट्रांसमिशन आदि के जरिए होने वाले बिजली के नुकसान को राष्ट्रीय स्तर पर 2021-22 तक 15 फीसदी लाना है। इसके तहत सभी राज्यों के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए गए हैं। साथ इसके लिए राज्यों को इनसेंटिंव भी लक्ष्य से ज्यादा हासिल करने पर देने की सहमति बनी है।सभी राज्यों को राजीव गांधी ग्राम विद्युतीकरण योजना के तहत चल रहे प्रोजेक्ट को दिसंबर 2014 तक पूरा करना होगा। इसी तरह दिसंबर 2014 तक सभी गांवों में बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने की भी सहमति बनी है। इसी तरह सभी राज्य पर्यावरण मंजूरी आदि मसले को समय बद्ध तरीके से सुलझाएंगे। साथ ही कोयला उत्पादन साल 2019 तक एक अरब टन करने के लक्ष्य को पूरा करने में भी राज्य जरूरी सहयोग करेंगे।

इसके पहले गोयल ने बैठक के दौरान हाल ही में उच्चतम न्यायालय द्वारा कोयला खदानों को अवैध घोषित करने पर सरकार और ब्यूरोक्रेसी के लिए ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह होने की भी बात कही। बैठक में 29 राज्यों और पांच केंद्र शासित राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। गोयल राज्यों की गंभीरता पर भी इसके पहले कई बार सवाल खड़ा कर चुके हैं। उन्होंने अपने 100 दिन के काम-काज का लेखा-जोखा पेश करते हुए कहा था कि उनके कार्यकाल के पहले 100 दिनों में केवल 17-18 राज्यों ने ही उनसे संपर्क किया है। ऐसे में जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा राज्य केंद्र साथ मिलकर योजना तैयार करें। फिलहाल केंद्र सरकार के साथ राजस्थान, दिल्ली और आंध्र प्रदेश ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। 

गोयल के लिए सबसे बड़ी चुनौती करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये के घाटे और 3 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी राज्य विद्युत वितरण कंपनियों को प्रासंगिक बनाने का रोडमैप देना है। इसके साथ ही बिजली संयंत्रों को प्राप्त मात्रा में कोयले की आपूर्ति से लेकर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन क्षेत्र में सुधार करना है। 

विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed