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सरकार ने माना टमाटर अब 70 रुपए किलो

Tue, 22 Jul 2014 09:15 PM IST
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली Updated Tue, 22 Jul 2014 09:15 PM IST
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government accept tomato price at 70 rupees.

लंबे इंतजार के बाद राहत बनकर आई बरसात ने महंगाई की आफत खड़ी कर दी है। उफनती नदियों ने सब्जियों की फसल बर्बाद कर दी है। महीने भर पहले तक किसानों से जो टमाटर कौडिय़ों के भाव खरीदा जा रहा था, अब वह 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। सरकारी आंकड़े भी तीन हफ्ते में टमाटर तीन-चार गुना महंगा होने की गवाही दे रहे हैं। प्याज 35-40 रुपये और आलू 30-25 रुपये किलो तक बिक रहा है।

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उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार, गत एक जुलाई को दिल्ली में टमाटर का खुदरा भाव 19 रुपये किलो था, जो 22 जुलाई तक 51 रुपये किलो तक पहुंच गया है। लखनऊ और कानपुर में टमाटर 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जबकि तीन हफ्ते पहले यह 15-25 रुपये किलो के बीच था। आलू और प्याज की जमाखोरी को आवश्यक वस्तु अधिनियम का कवच भी खास कारगर नहीं रहा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, में प्याज 35 रुपये किलो है। उत्तर भारत के प्रमुख महानगरों में प्याज 30-35 रुपये किलो के बीच बिक रहा है। आलू की कीमतें भी बढ़कर 25-30 रुपये किलो तक पहुंच गई हैं।
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एपीएसी आजादपुर के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा का कहना है कि करीब महीने भर पहले यही टमाटर 5 रुपये किलो में  बिक रहा था। लेकिन बरसात आते ही दाम बढऩे लगे हैं। जब तक सरकार सब्जियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू नहीं करेगी, यह स्थिति बदलनी मुश्किल है। आने वाले दिनों में सब्जियां और महंगी होंगी।
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खुदरा बाजार में मंड़ी से दोगुना भाव
आजादपुर मंडी के व्यापारी बलबीर भल्ला का कहना है कि बारिश के चलते हिमाचल से टमाटर की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे दाम बढ़ रहे हैं। लेकिन अभी भी थोक मंडिय़ों में टमाटर 25-40 रुपये किलो के बीच है। लेकिन खुदरा बाजार में 70-80 रुपये किलो तक टमाटर बिकने की जानकारी मिल रही है। महाराष्ट्र में 15 जुलाई तक बारिश नहीं होने से भी टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे हिमाचल के टमाटर पर निर्भरता बढ़ी है।

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