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ट्विटर को पछाड़ने के लिए गूगल ने भारतीय को दिए 544 करोड़
वाशिंगटन/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 11 Apr 2013 12:17 AM IST
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भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक नील मोहन ने अपनी प्रतिभा के दम पर आईटी क्षेत्र में धाक जमाई है।
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इनके आगे गूगल जैसी नामी कंपनी ने भी घुटने टेक दिए।
अपनी कंपनी में रोके रखने के लिए गूगल ने इन्हें अच्छा खासा बोनस दिया है।
39 वर्षीय नील मोहन गूगल में एडवर्टाइजिंग प्रोडक्ट्स के उपाध्यक्ष हैं।
इनको गूगल की प्रतिद्वंद्वी कंपनी ट्विटर ने प्रोडक्ट चीफ के पद का ऑफर दिया था। लेकिन नील की प्रतिभा की कायल गूगल उन्हें किसी भी कीमत पर कंपनी में बनाए रखना चाहती थी।
इसलिए गूगल ने नील को 100 मिलियन डॉलर (करीब 544 करोड़ रुपए) का बोनस दिया है। उन्हें बोनस कंपनी शेयर के तौर पर मिलेगा।
इससे पहले कंपनी के अध्यक्ष इरिक श्मिट अकेले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें गूगल ने नील से ज्यादा 101 मिलियन डॉलर दिए थे।
नील के दिमाग के बल पर गूगल को इस साल 7 बिलियन डॉलर (करीब 38108 करोड़ रुपए) कमाने की उम्मीद है।
नील के दोस्त और उनके सहकर्मियों का कहना है कि उनमें टेक्नोलॉजी की समझ और उससे जुड़ी बिजनेस स्ट्रेटजी की जबरदस्त पकड़ है।
नील मोहन और उनकी पत्नी हेमा सरीम मोहन का सेन फ्रांसिस्को में एक आलीशान घर है, जिसकी कीमत 5.2 मिलियन डॉलर है।
इसके अलावा उन्होंने गूगल कॉम्पलैक्स के पास एक माउंटेन व्यू अपार्टमेंट किराए पर भी ले रखा है।
नील के कैरियर की शुरुआत ग्लोरफाइड टेक्निकल सपोर्ट से हुई। यहां उनको 60,000 डॉलर वेतन मिलता था।
2008 में नील गूगल में उस समय शामिल हुए जब उनकी पुरानी कंपनी डबल क्लिक को गूगल ने खरीद लिया। अब उन्हें राके रखने के लिए ही गूगल ने इतना भारी भरकम बोनस दिया है।
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2011 में गूगल को डिस्प्ले एडवर्टाइजिंग से 5 बिलियन डॉलर की आय हुई थी, जबकि 2012 में यह 7 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है।