फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   google gave staff members data to US government

गूगल ने अमेरिका के लिए की खुफियागिरी

Tue, 27 Jan 2015 05:45 PM IST
Updated Tue, 27 Jan 2015 05:45 PM IST
विज्ञापन
google gave staff members data to US government

विकीलीक्स ने गूगल पर आरोप लगाया है कि उसने बगैर बताए विकीलीक्स के कुछ कर्मचारियों के ईमेल और डिजिटल डेटा अमेरिकी सरकार को दिए हैं। विकीलीक्स ने गूगल के इस काम को पत्रकारिता और सुरक्षा मुद्दों पर काम करने वाले पत्रकारों पर हमला करार दिया है।

विज्ञापन


विकीलीक्स के वकीलों की तरफ से गूगल को भेजे गए एक पत्र में पूछा है कि गूगल ने करीब 3 साल पहले उनके अधिकारियों की जानकारी अमेरिकी सरकार को क्यों सौंपी है? साथ ही यह भी सवाल उठाया गया है कि मार्च 2012 में सौंपी जानकारी के बारे में 23 दिसंबर 2014 तक भी विकीलीक्स को क्यों नहीं बताया गया।
विज्ञापन


जेनेवा में हुए एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में विकीलीक्स के फाउंडर जूलियन असांजे की तरफ से जज बाल्ताजार गारजेन ने कहा कि विकीलीक्स के स्टाफ को पिछले साल दिसंबर में गूगल की तरफ से यह जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 2012 में सरकार को सौंपी गई जानकारियों में ईमेल का कंटेट भी था।

विज्ञापन
विज्ञापन

तलाशी वारंट के तहत दी थी जानकारी

google gave staff members data to US government

गूगल के अनुसार उसने 2012 में यह सारी जानकारी अमेरिकी न्यायालय की तरफ से जारी तलाशी वारंट के तहत अमेरिकी सरकार को मुहैया कराई थी। इस वारंट में जासूसी, धोखेबाजी और साजिश की जांच के तहत गूगल से फोन नंबर, आईपी एड्रेस और ईमेल का कंटेट मांगा गया था।

इसमें विकीलीक्स के 3 कर्मचारी सारा हैरिसन, क्रिस्टीन ह्राफंसन और जोसफ फैरेल की तरफ से उपयोग किए जाने वाले सभी आंकड़े भी सौंपने थे। इनमें 22 मार्च 2012 के बाद के आंकड़े शामिल थे। जज गारजेन ने इसे गैरकानूनी बताते हुए कहा है कि बिना बताए किसी की जानकारी अमेरिकी सरकार को सौंपना कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed