नए साल में सस्ता हो सकता है सोना, जानिए वजह
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नए साल में सोने के आभूषण सस्ते होने के आसार हैं, क्योंकि सरकार बजट या इससे पहले ही सोने के आयात शुल्क में 8 फीसदी तक की कटौती कर सकती है। अभी आयात शुल्क 10 फीसदी है।
वाणिज्य मंत्रालय पिछले कई महीनों से वित्त मंत्रालय के समक्ष सोने के आयात शुल्क में कटौती की दलील दे रहा है। अब सोने के आयात में लगातार गिरावट और चालू खाते के घाटे को नियंत्रण में देखते हुए वित्त मंत्रालय सोने के आयात शुल्क में कटौती कर सकता है।
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक इस साल अक्टूबर में सोने के आयात में पिछले साल अक्टूबर के मुकाबले 51.51 फीसदी तो नवंबर में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 36.48 फीसदी की गिरावट रही। चालू वित्त वर्ष 2015-16 की पहली तिमाही में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 1.2 फीसदी था जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह घाटा 1.6 फीसदी था।
आभूषण कारोबारियों व निर्यातकों के मुताबिक आयात शुल्क में कटौती से आभूषण सस्ता होने के साथ सोने की स्मगलिंग में भी कमी आएगी। जेम्स व ज्वैलरी निर्यातक पंकज पारीख कहते हैं, वर्ष 2013 में सोने का आयात शुल्क 10 फीसदी होते ही सोने की स्मगलिंग बढ़ गई।
हमलोगों ने कई बार सरकार का ध्यान इस ओर दिलाया है। उन्होंने कहा कि सोने का आयात शुल्क 2 फीसदी होने पर स्मगलिंग बंद हो जाएगा और देश में आभूषण की लागत भी कम हो जाएगी।
घरेलू आभूषण कारोबारियों के कारोबार में होगी बढ़ोतरी
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन (जीजेएफ) के निदेशक अशोक मीनावाला कहते हैं, वाणिज्य मंत्रालय पूरी तरह से आयात शुल्क को दो फीसदी करने के पक्ष में है और उम्मीद है बजट में सरकार ऐसा कर देगी। वाणिज्य मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक सब कुछ अब वित्त मंत्रालय पर निर्भर है। कोशिश की जा रही है कि बजट से पहले ही शुल्क कटौती की घोषणा कर दी जाए।
वर्ष 2012 व 2013 की दो साल की अवधि में सोने के आयात शुल्क को 2 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया गया था। आभूषण कारोबारियों के मुताबिक आयात शुल्क में 8 फीसदी तक की कटौती से सोने के भाव पर काफी फर्क पड़ेगा और इससे उनकी बिक्री में इजाफा होगा।
जीजेएफ के मुताबिक सोने के आभूषण की बिक्री में बढ़ोतरी से सिर्फ आभूषण कारोबारियों को ही फायदा नहीं होगा बल्कि इससे सैकड़ों कामगारों के लिए रोजगार भी निकलेंगे। देश में लगभग 6 करोड़ लोग जेम्स व ज्वैलरी के कारोबार में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर जुडे़ हैं। आभूषण के घरेलू कारोबारी पिछले एक साल से सोने के आयात शुल्क में कटौती की मांग कर रहे हैं।
सोने के भाव में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। अमेरिकी फेडरल बैंक की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम 100-150 रुपये तक की मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन फिर से सोने के भाव में मजबूती शुरू हो गई थी। बुधवार को सोने का भाव 140 रुपये की गिरावट के साथ 25610 रुपये प्रति ग्राम रहा।