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सस्ता हुआ सोना, जानिए क्या रहा भाव
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Mon, 09 Sep 2013 07:04 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बीच स्थानीय स्तर पर मांग सुस्त रहने से घरेलू सराफा बाजार में सोने के दाम 625 रुपए गिरकर 31,100 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गए। हालांकि, चांदी के भाव 54,300 रुपए प्रति किलो पर स्थिर रहे।
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कारोबारियों का कहना है कि कीमतें ऊपर रहने के चलते बाजार में खरीदारी कम रही। वहीं, फेडरल रिजर्व द्वारा इस माह मासिक बांड खरीदारी कम करने की अटकलों से वैश्विक बाजार में सोने के दाम में गिरावट आई।
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लंदन में सोने के भाव 0.3 फीसदी गिरकर 1,387.24 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। चांदी भी 0.3 फीसदी नीचे 23.78 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज की गई।
घरेलू बाजार में सोने की आठ ग्रामी गिन्नी के भाव 25,200 रुपए प्रति पर स्थिर रहे। चांदी सिक्का लिवाली 88,000 और बिकवाली 89,000 रुपए प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।
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सोने के प्रति लगाव कम
वहीं, सदियों से सुरक्षित निवेश समझा जाने वाला सोना अब निवेश के लिहाज से अपना आकर्षण खोने लगा है।
अगस्त माह में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएएफ) से रिकॉर्ड 588 करोड़ रुपए की निकासी इस बात का इशारा कर रही है कि वित्तीय निवेश के लिहाज से सोना लोगों को अब ज्यादा फायदेमंद नजर नहीं आ रहा है।
पिछले कुछ वर्षों से ईटीएफ से मोटी कमाई करते आ रहे निवेशक इसे अब जोखिम भरा मानने लगे हैं और निवेश के लिए दूसरे उपाय कर रहे हैं।
म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े जानकारों के मुताबिक पिछले माह निवेशकों ने ईटीएफ से जो निकासी हुई, वह एक तरह से अटकलबाजी का नतीजा थी।
इसके अलावा डॉलर की तुलना में रुपए में आई कमजोरी तथा सोने के भाव में तेजी भी इसकी वजह रही।
पिछले महीने देश में सोने के दाम 34 हजार रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर को भी पार कर गए थे। निवेशकों ने इस तेजी का फायदा उठाने तथा आगे आर्थिक हालात को लेकर जारी आशंकाओं के मद्देनजर ईटीएफ से भारी निकासी की।
बढ़ते चालू खाता घाटे को देखते हुए सरकार द्वारा सोने के आयात पर लगातार कई तरह की पाबंदियां लगाने से निवेशकों को ईटीएफ में अब मुनाफे के बजाय जोखिम ज्यादा नजर आ रहे हैं, लिहाजा वह जल्दी इससे बाहर निकल रहे हैं।
सोने का रिकॉर्ड मांगने का विरोध
इधर, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा कई बड़े मंदिरों से उनके पास मौजूद सोने के बारे में जानकारी मांगने का कुछ हिन्दू संगठन विरोध कर रहे हैं।
बीते माह आरबीआई ने राज्य के कुछ मंदिरों के प्रबंधन को पत्र लिख कर उनके पास मौजूद सोने के बारे में जानकारी मांगी थी।
ज्यादातर मंदिरों के प्रबंधकों ने अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है और व राज्य सरकार व अन्य संबंधित निकायों से इस बारे में चर्चा कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक केरल के दो मंदिरों को भी इस बारे में आरबीआई का पत्र मिला है। मुंबई में रिजर्व बैंक की प्रवक्ता अल्पना किलावाला ने स्वीकार किया कि आरबीआई ने इस बारे में पत्र लिखा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य महज जानकारी एकत्र करना है, न कि मंदिरों के पास मौजूद सोने की खरीदारी करना या कुछ और। कुछ हिंदू संगठन आरबीआई के इस कदम का विरोध कर रहे हैं।