करीब 20 हजार रुपए तक गिरेंगे सोने के दाम, जानिए कब तक?
चालू वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान सोने की कीमत 20500-24000 रुपये प्रति 10 ग्राम रहने की संभावना है। पिछले सप्ताह सोने की कीमत 25000 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे चली आई थी जो पिछले पांच साल का न्यूनतम स्तर है।
इंडिया रेटिंग एंड रिसर्च (इंड-आरए) के मुताबिक वित्त्त वर्ष 2015-16 के दौरान सोने के भाव मुख्य रूप से अमेरिकी ब्याज दरों पर निर्भर करेंगे।
इंड-आरए के मुताबिक अगर अमेरिका ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है तो सोने की वैश्विक कीमत में गिरावट होगी और भारत में सोने की घरेलू कीमत 20,500-24,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रहने का अनुमान है।
सालाना 460 टन सोने की होती है खरीददारी
इंड-आरए के मुताबिक विभिन्न देशों के सेंट्रल बैंक पिछले छह सालों से सालाना
औसतन 460 टन सोने की खरीदारी करते हैं। इनमें मुख्य रूप से यूरोपीय
यूनियन, रूस, चीन व भारत के बैंक शामिल हैं।
आर्थिक अनिश्चितता से बचाव को
ध्यान में रखते हुए कोई भी देश सोने की खरीदारी करता है। लेकिन इस दौरान
वैश्विक विकास की दर को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं है और इस वजह से सोने के
दाम में गिरावट के आसार हैं।
इंड-आरए का मानना है कि अमेरिका की तरफ से
ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने पर सोने के भाव में 20-25 फीसदी तक की गिरावट आ
सकती है।
उपभोक्ता मांग में 8 फीसदी की गिरावट
ईंड-आरए के मुताबिक वर्ष 2015 की पहली तिमाही में भारत में सोने
की उपभोक्ता मांग में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15 फीसदी की
बढ़ोतरी हुई है, लेकिन चीन में इस दौरान उपभोक्ता मांग में 8 फीसदी की
गिरावट दर्ज की गई।
ग्राहक सोने के ज्वैलरी विक्रेताओं से
ज्वैलरी खरीदारी की जगह लगातार इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि सोने के
दाम में और कितनी कमी आएगी। उपभोक्ताओं में सोने के दाम में गिरावट को लेकर
काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है।
आगामी अक्टूबर-नवंबर के दौरान होने
वाले शादी-ब्याह के लिए खरीदारी करने वाले ग्राहक सोने के भाव पर लगातार
नजर रख रहे हैं। सोने के ज्वैलरी निर्माताओं के मुताबिक सोने के दाम में
उतार-चढ़ाव जारी रहने पर उनकी बिक्री में कमी आएगी।