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रुपए की लाचारी से नए शिखर पर सोना
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2013 12:11 AM IST
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रुपए की गिरावट और कच्चे तेल के दाम बढ़ने की आशंका के बीच सोने ने तेजी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। घरेलू सराफा बाजार में सोना 34,500 रुपए की रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गया।
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हालांकि, बाद में थोड़ा नरम पड़कर मंगलवार की तुलना में 1,900 रुपए की सबसे बड़ी एक दिनी बढ़त लेकर रिकॉर्ड 33,900 रुपए प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। मांग में तेजी से चांदी भी 3,700 रुपए उछलकर 58,500 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई।
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पिछले दो महीनों के दौरान सोने में करीब 30 फीसदी की तेजी आई है। इसे भुनाने के लिए बाजार में सोना बेचने वालों की भीड़ बढ़ी है जबकि खरीदार बहुत कम हैं।
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एसके जैन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव तेज हैं, जबकि रुपये रोज गिरावट के नए रिकॉर्ड बना रहा है। इससे सोने में भी उछाल आया है।
इस वक्त बाजार में खरीदार नहीं है जबकि सोना बेचने वालों की तादाद बढ़ी है। भाव में अस्थिरता को देखते हुए सराफा कारोबारी ग्राहकों का सोना लेने से कतरा रहे हैं।
बुलियन एक्सपर्ट हिमांशु शेखर का कहना है कि घरेलू बाजार में सोने के भाव मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें, रुपये की चाल और बाजार में डिमांड पर निर्भर करते हैं।
फिलहाल, वैश्विक बाजार में तेजी और रुपये की रिकॉर्ड गिरावट से घरेलू बाजार में सोना मजबूत हो रहा है। लेकिन बाजार में मांग बहुत कम है।
उन्होंने कहा कि घरेलू व वैश्विक अस्थिरता के इस हालात में भाव का पूर्वानुमान मुश्किल है। क्योंकि, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव 1,500 डॉलर के करीब थे, तो घरेलू भाव 25 हजार के आसपास थे।
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अब जब वैश्विक भाव 1,430 डॉलर हैं, तो सोने का घरेलू भाव 34 हजार के करीब पहुंच चुका है। घरेलू बाजार में नवरात्र से मांग में तेजी आने की उम्मीद है। गत 28 जून को सोना गिरकर 25,130 रुपए प्रति दस ग्राम तक गिर गया था।
माना जा रहा है कि आने वाले कुछ हफ्तों में त्योहारी मांग और शादियों के सीजन की वजह से सोने में तेजी कायम रहेगी। सोना पिछले साल नवंबर में 32,975 रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सीरिया पर अमेरिकी कार्रवाई की आशंका से कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं। इसका असर सोने पर भी आया है। सिंगापुर में सोने का भाव 1,434 डॉलर प्रति औंस रहा।
सोने पर आनंद शर्मा के बयान से खलबली
देश में जमा सोने का इस्तेमाल कर चालू खाते के घाटे को कम करने के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा के बयान ने खलबली मचा दी है।
मंगलवार को आनंद शर्मा ने कहा था कि देश में 31 हजार टन से ज्यादा सोना जमा है, जबकि चालू खाते के घाटे को पूरा करने के लिए 500 टन ही काफी है। इस तरह उन्होंने सोने के मुद्रीकरण (मोनेटाइज) की बात कही है। आरबीआई के पास करीब 400 टन सोना मौजूद है।
शर्मा के इस बयान से रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय की मंदिरों, ट्रस्टों और लॉकरों में जमा सोना बाहर निकालने की योजना फिर सुर्खियों में आ गई है। इस मामले पर आरबीआई की ओर से समिति का गठन भी किया गया था, जिनसे घरेलू सोने को बाजार में लाने के लिए कई सुझाव दिए हैं।
वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हाल ही में स्वर्ण कारोबारियों के एक प्रमुख संगठन ने भी घरेलू सोने को बाजार में लाने के लिए कई उपाय सुझाए हैं।
बैंकों में सोना जमा कराकर उस पर ब्याज देना और जरूरत पड़ने पर सोना ग्राहक को लौटाने की योजना पेश की गई है।
बेतुकी है रुपये की गिरावट: मायाराम
रुपये की गिरावट रोकने में नाकाम वित्त मंत्रालय ने अब इसे बेतुका का नतीजा करार दिया है।
बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपये के 68.85 तक गिरने पर आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने कहा है कि रुपये में इतनी तेज गिरावट का कोई तर्क नहीं है। लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने भरोसा जताया कि इस वित्त वर्ष में चालू खाते का घाटा उम्मीद से कम रहेगा। इसमें कमी आने के संकेत दिखने शुरू हो गए हैं।