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सोने ने बनाया नया रिकॉर्ड, चांदी भी तेज
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Mon, 26 Nov 2012 10:09 PM IST
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विदेशों में सोने में तेजी और घरेलू स्तर पर रुपये में गिरावट के बीच दिल्ली सराफा बाजार में सोने ने 32,950 रुपये प्रति दस ग्राम का नया रिकार्ड बना दिया, औद्योगिक मांग से चांदी में भी तेजी रही। सोने के भाव 90 रुपये की बढ़त के साथ 32,950 रुपये प्रति दस ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गए। इससे पहले 14 सितंबर को सोने ने 32,900 रुपये प्रति दस ग्राम की ऊंचाई छुई थी। चांदी 200 रुपये बढ़कर 63,200 रुपये प्रति किलो के भाव पर आई। बहरहाल चांदी सिक्कों और गिन्नी के भाव पिछले स्तर पर बने रहे।
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विश्लेषकों के अनुसार सोने के भाव विदेशी बाजारों में जारी तेजी और रुपये में कमजोरी के चलते लगातार ऊपर की ओर बने हुए हैं। हालांकि डॉलर के मुकाबले यूरो के मजबूत होने और ऊंची कीमतों पर मुनाफावसूली होने से अंतरराष्ट्रीय कारोबार में यह मामूली गिरावट पर रहा। इसके बावजूद सोने को लेकर निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है। सिंगापुर में सोना 1,749.04 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जबकि पिछले दिवस पर यह डेढ महीनों के शीर्ष स्तर 1,754 डॉलर प्रति औंस पर रहा था। अमेरिका में सोने का दिसंबर वायदा 1,749.40 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया। चांदी भी 0.12 फीसदी की गिरावट के साथ 34.06 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
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इधर घरेलू मोर्चे पर रुपये की गिरती सेहत के चलते सोना लगातार बढ़त दर्ज कर रहा है। इसके अलावा शादी ब्याह का मौसम होने से ग्राहकी भी बनी हुई है। हालांकि कीमतों के अत्यधिक ऊंचे स्तर पर पहुंचने से बाजार में पूछ परख और अदला बदली का कारोबार तेजी पर है, लेकिन नए आभूषणों की खरीद सुस्त बनी हुई है। कारोबारियों के अनुसार अमेरिका में सरकारी कर्ज संकट को लेकर अनिश्चितता की स्थिति से डॉलर कमजोर पड़ रहा है, जिससे सोने के भाव तेजी पर हैं। यूरोप में यूनान के राहत पैकेज पर जल्द सहमति बनने की संभावना से यूरो मजबूत हो रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी का रुपये का फायदा नहीं मिल रहा है।
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स्थानीय सराफा बाजार में सोने ने मांग सुस्त रहने के बावजूद तेजी दर्ज की। सोने के दाम 32,860 रुपये से 90 रुपये बढ़कर 32,950 रुपये प्रति दस ग्राम हो गए। यह सोने का रिकॉर्ड स्तर है। कारोबारियों का कहना है कि यह 33 हजार के पार पहुंच जाएगा। हालांकि गिन्नी 25,650 रुपये प्रति इकाई के भाव पर बनी रही। सोने की तरह चांदी भी तेजी रही। औद्योगिक मांग से यह 200 रुपये बढ़कर 63,200 रुपये प्रति किलो पर आ गई। पिछले कारोबारी दिवस पर चांदी के भाव 63,000 रुपये प्रति किलो पर रहे थे। हालांकि चांदी सिक्का लिवाली और बिकवाली के भाव 81,000-82,000 रुपये प्रति सैकड़ा के स्तर पर बने रहे।
सोने की बढ़ती मांग भी है परेशानी की सबब
सोने की बढ़ती मांग को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक लगातार चिंता जता रहा है और चाहता है कि बैंक निवेश के वैसे तरीके ईजाद करें जिनमें सोने में निवेश की तरह ही निवेशकों को सुख मिले। सोने के बढ़ते आयात से चालू खाते का घाटा बढ़ता जाता है जो देश के लिए एक तरह से अनुत्पादक है। भारतीय परिवारों के पास जमा करीब 25,000 टन सोने के इस्तेमाल के उपाय तलाशने की भी कोशिश हो रही है। दरअसल सरकार और आरबीआई घरों में पड़े सोने को बाजार में लाने की योजना पर काम कर रहे हैं जिससे सोने के आयात को कम किया जा सकेगा। आयात घटाने के लिए कुछ और उपायों के तहत डिपॉजिटरी समेत कंपनियों पर सोने की होल्डिंग पर क्वांटेटिव पाबंदी भी लग सकती है:-
- दरअसल सोने के बढ़ते आयात से व्यापार घाटा बढ़ता जा रहा है।
- वित्त वर्ष 2011 में देश में करीब 40 अरब डॉलर के सोने का आयात हुआ था।
- वित्त वर्ष 2012 में बढ़कर 60 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक जुलाई- सितंबर तिमाही में देश में करीब 223 टन सोने का आयात हुआ, जो पिछले साल समान अवधि के मुकाबले करीब 9 फीसदी ज्यादा है।
बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों से सोने की दोबारा खरीद की इजाजत देने की मांग की है। फिलहाल बैंक ग्राहकों को सिर्फ सोने के सिक्कों की बिक्री कर सकते हैं। इन सिक्कों को उन्हें दोबारा वापस खरीदने की इजाजत नहीं है। एसबीआई के चेयरमैन प्रतीप चौधरी का मानना है कि सभी बैंक सोना बेच रहे हैं, लेकिन उसी सोने को दोबारा खरीदने के लिए बैंकों को इजाजत नहीं है। आरबीआई अगर ये इजाजत दे तो इससे लिक्विडिटी को भी बढ़ाने में मदद मिलेगी और आयात भी कम हो सकता है।