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शेयर नहीं सोना है निवेशकों की पहली पसंद

Mon, 24 Sep 2012 12:27 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 24 Sep 2012 12:27 PM IST
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gold is the first choice of investors
भारत ही नहीं दुनियाभर में सोना निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। यही वजह है कि शेयर बाजार के मुकाबले इस पीली धातु में निवेश करने वालों की तादाद बढ़ रही है। निवेशकों की उम्मीद पर खरा उतरते हुए सोने में निवेश का रिटर्न भी पिछले तीन साल में दोगुना हो चुका है। उद्योग संगठन एसोचैम के एक अध्ययन के यह बात कही गई है।
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संगठन के अध्ययन में कहा गया है कि पिछले तीन साल में वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी की वजह से शेयर बाजार से निवेशकों को बेहतर रिटर्न हासिल नहीं हो सका है, लेकिन इस दौरान सोने में निवेश करने वाले मालामाल हुए हैं। जिन्होंने अगस्त-सितंबर 2009 के बीच सोने में निवेश किया था उनका धन अब दोगुना हो चुका है। इसलिए भारत समेत दुनिया भर में सोने में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। दूसरी ओर इस अवधि में इक्विटी बाजार के निवेशकों का धन घटा है। खासतौर पर छोटे मिड-कैप स्टॉक में निवेश करने वाले खुदरा निवेशकों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है।
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मालूम हो कि तीन साल पहले दस ग्राम सोने की कीमत 15,000-20,000 रुपये थी, जो कि अब बढ़कर 32,000 हजार प्रति दस ग्राम से ज्यादा हो चुकी है। 2009-10 में शेयर बाजार सूचकांक 17,711 के बेंचमार्क पर था। कमोबेस यह स्थिति आज भी बनी हुई है। इस वजह से शेयर बाजार के निवेशकों को बैंक ब्याज दर के बराबर रकम भी वापस नहीं मिल सका है।
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एसोचैम के महासचिव डीएस रावत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता की वजह से घरेलू या वैश्विक निवेशकों को फिलहाल सोने में निवेश करना सबसे सुरक्षित विकल्प लग रहा है। सोने में निवेश आगे भी तेजी से बढ़ने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष में देश में करीब 60 अरब डॉलर का सोना आयात किया गया था।
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