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रुपये को संभालने के लिए सरकार ने खेला बड़ा दांव

Tue, 13 Aug 2013 12:01 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 13 Aug 2013 12:01 AM IST
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gold import expensive to control rupee

रुपये को संभालने और चालू खाता घाटा (सीएडी) को काबू में करने के लिए सरकार अपनी तरफ से अब एक बड़ा दाव खेल रही है।

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इसके तहत, सरकार जहां सोने-चांदी के साथ-साथ गैर जरूरी वस्तुओं के आयात पर शुल्क बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं, सरकार ने रुपये की किस्मत अब विदेशी निवेशकों के हवाले कर दी है। यानी, विदेशी निवेशक यदि भारत में डॉलर के जरिए पूंजी निवेश करेंगे, तो रुपये में मजबूती लौटेगी।

सोमवार को संसद में रुपये को संभालने का आश्वासन देने के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शाम को विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई सारे कदमों की घोषणा की है।
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वित्त मंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि ‘सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अर्द्ध सॉवरेन बांड ला सकेंगे। जिसके जरिए आईआरएफसी, पीएफसी और आईआईएफसीएल चार अरब डॉलर की पूंजी जुटाएंगे’।
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चिदंबरम ने सरकारी तेल कंपनियों के लिए विदेशों से पूंजी जुटाने के लिए विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के नियमों में ढील देने की घोषणा की है।

सॉवरेन बांड के जरिए विदेशी निवेशक इन कंपनियों में डॉलर के रूप में निवेश कर सकेंगे। ऐसे में वित्त मंत्री को उम्मीद है कि डॉलर का प्रवाह बढ़ेगा।

हालांकि बैंकर्स के अनुसार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियों को ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा, जिसका असर सभी तरह के कर्ज पर ऊंची ब्याज के रूप में हो सकता है।

वित्त मंत्री ने इसके अलावा बैंकों को विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए एनआरई खातों पर एसएलआर और सीआरआर की बाध्यता भी खत्म कर दी है। साथ ही फॉरेन करेंसी नॉन रेजिडेंट (एफसीएनआर) बैंक खातों को भी डी-रेगुलेट कर दिया है।

इन दोनों का मतलब हैं कि बैंक अनिवासी भारतीयों को जहां ज्यादा ब्याज दें सकेंगे और एनआरई खातों को पहले के मुकाबले अधिक आकर्षक बना सकेंगे।

इसके पहले, सोमवार को संसद में रुपये पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि रुपये को संभालने के लिए सरकार सभी तरह के कदम उठाएगी। जिसमें अर्द्ध सॉवरेन बांड, एनआरई डिपॉजिट के नियमों में छूट, ईसीआई नियमों में रियायत आदि शामिल हैं।

सोने पर और दो फीसदी बढ़ेगा आयात शुल्क
वित्त मंत्री के अनुसार सोने के आयात में कमी लाने के लिए अभी तक उठाए गए कदम काफी प्रभावी रहे हैं। सरकार पिछले साल के 950 टन सोना आयात को घटाकर इस साल 850 टन करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। सूत्रों की मानें तो इसके लिए सरकार जल्द ही सोने पर आयात शुल्क दो फीसदी और बढ़ा सकती है।


अर्द्ध सॉवरेन बांड से ज्यादा उम्मीद नहीं
एचडीएफसी बैंक के अर्थशास्त्री अभीक बरूआ के अनुसार वित्त मंत्री ने सरकारी कंपनियों को अर्द्ध सॉवरेन बांड की अनुमति दी है, इससे रुपये को संभालने में बहुत ज्यादा फर्क नहीं होगा। हालांकि बैंकों के लिए एनआरई डिपॉजिट और एफसीएनआर डिपॉजिट के लिए उठाए गए कदमों को अच्छा असर दिख सकता है।

प्रमुख बातें:-
- इस साल वित्त मंत्री को 75 अरब डॉलर जुटाने की उम्मीद।
- एफडीआई के जरिए 27 अरब डॉलर आने की उम्मीद।
- चालू वित्त वर्ष में चालू खाता घाटा जीडीपी का 3.7 फीसदी रहने का अनुमान।
- भारत में काम कर रही एमएनसी के लिए आरबीआई लाएगा दिशानिर्देश।

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