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GMR से एयरपोर्ट का संचालन छीनेगी मालदीव सरकार
सिंगापुर/एजेंसी
Updated Tue, 04 Dec 2012 08:15 AM IST
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सिंगापुर की हाईकोर्ट द्वारा जीएमआर को माले एयरपोर्ट का ठेका रद्द किए जाने के खिलाफ राहत दिए जाने के बावजूद मालदीव सरकार उससे एयरपोर्ट का संचालन छीन कर अपने हाथ में लेगी। सरकार ने कोर्ट के आदेश के बावजूद जीएमआर का ठेका रद्द करते हुए 8 दिसंबर से इसका संचालन खुद करने की बात कही है। सरकार के इस कदम से मालदीव में विदेशी निवेश की परियोजनाओं पर प्रश्न चिह्न लग गया है।
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मालदीव के रक्षा व परिवहन मंत्री ने बताया कि शनिवार से सरकारी नियंत्रण वाली मालदीव एयरपोर्ट कंपनी हवाई अड्डे का संचालन संभाल लेगी। इससे पहले सिंगापुर हाईकोर्ट ने मालदीव की सरकार द्वारा जीएमआर ग्रुप का 511 मिलियन डॉलर का ठेका निरस्त किए जाने के मालदीव सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी।
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कोर्ट ने जीएमआर की अपील पर सुनवाई करते हुए स्थगन आदेश जारी किया था। अदालत के इस आदेश से जीएमआर के लिए हवाई अड्डे का कामकाज जारी रखने का रास्ता साफ हुआ माना जा रहा था, पर मालदीव सरकार ने अदालत के आदेश को दरकिनार करते हुए एयरपोर्ट का संचालन अपने हाथ में लेने की बात कही है।
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जीएमआर ने इस बारे में अपने बयान में बताया कि सिंगापुर उच्च न्यायालय ने मालदीविया एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड और मालदीव सरकार पर 27 नवंबर के पत्र के आधार पर किसी तरह की कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है। एमएसीएल ने मालदीव की नई सरकार के निर्देश के आधार पर 2010 में तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के कार्यकाल के दौरान जीएमआर को दिया गया ठेका 27 नवंबर को रद्द कर दिया था।
गौरतलब है कि ठेके की शर्तों के मुताबिक मुताबिक दोनों पक्षों में मतभेद होने की स्थिति में सिंगापुर या फिर ब्रिटेन के कानून के तहत फैसला किया जाना है। भारत ने ठेका रद्द किए जाने का जोरदार विरोध करते हुए मालदीव सरकार के निर्णय को विदेशी निवेशकों के लिए ‘बड़ा बुरा संकेत’ बताया था।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों संबंधी समिति ने मामले के विभिन्न पहलुओं तथा उनके दूरगामी प्रभावों पर विचार किया है। दूसरी ओर मालदीव सरकार पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए ठेके के इस करार को ‘संदेहास्पद दशा’ में किया गया अनुबंध करार दिया है।