फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   give the necessary attention to these things before taking a home loan

होम लोन लेने से पहले इन बातों पर दें जरूर ध्यान

Mon, 24 Feb 2014 11:59 AM IST
Updated Mon, 24 Feb 2014 11:59 AM IST
विज्ञापन
give the necessary attention to these things before taking a home loan

होम लोन लेने से पहले लेंडर यानी कर्जदाता द्वारा वसूली जाने वाली ब्याज दरों के अलग-अलग प्रकार को समझना जरूरी है। लेंडर होम लोन बायर को उसकी जरूरतों के मद्देनजर ब्याज दरों की पेशकश करते हैं। वर्तमान समय में होम लोन की ब्याज दरों में फिक्स्ड रेट, फ्लोटिंग रेट और पार्ट फिक्स्ड -पार्ट फ्लोटिंग रेट का विकल्प उपलब्ध है।

विज्ञापन


ब्याज की फिक्स्ड दरें लोन की पूरी अवधि के दौरान नहीं बदलती हैं, जबकि फ्लोटिंग ब्याज दरें बेस रेट में बदलाव के अनुसार परिवर्तित होती रहती हैं। कुछ लेंडर नए प्रकार के होम लोन का विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं, जो फिक्स्ड एवं फ्लोटिंग ब्याज दरों का मिलाजुला रूप है। इस तरह के लोन में, शुरुआती वर्षों में ब्याज दर निश्चित रहती है, जो फ्लोटिंग दर से अधिक नहीं होती।
विज्ञापन


पूर्व निर्धारित अवधि की समाप्ति के बाद, लोन लेने वाले के पास फिक्स्ड ब्याज दरों को रिन्यू कराने अथवा उसे लागू फ्लोटिंग ब्याज दरों में परिवर्तित कराने का विकल्प होता है। कुछ लेंडर होम लोन को फिक्स्ड और फ्लोटिंग ब्याज दरों में परिवर्तित कराने की सुविधा देते हैं। हालांकि, इसमें कनवर्जन फीस वसूली जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कौन सी ब्याज दर है बेहतर?

give the necessary attention to these things before taking a home loan

ब्याज दरों के जब एक से अधिक विकल्प उपलब्ध हों तो होम लोन लेने वाले के सामने अहम चुनौती उसे अपनी जरूरतों के मुताबिक उपयुक्त ब्याज दर का चयन करने की रहती है। ऐसे में कर्जदारों को सबसे पहले अपनी जरूरतों के देखते हुए उपलब्ध विकल्पों की परस्पर तुलना करनी चाहिए।

जो होम लोन बायर लंबी अवधि के लिए लोन लेना चाहते हैं और कुछ समय के बाद ब्याज दरों में होने वाले बदलाव का सामना कर सकते हैं, वह फ्लोटिंग ब्याज दर वाले लोन का विकल्प अपना सकते हैं। वहीं, ऐसे बायर जो लोन की संपूर्ण अवधि में निश्चित ईएमआई की सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं और थोड़ी अधिक ब्याज दर चुकाने में सक्षम हैं, वह फिक्स्ड ब्याज दरों वाला लोन ले सकते हैं।

इसी तरह, पार्ट फिक्स्ड-पार्ट फ्लोटिंग रेट उन कर्जदारों के लिए बिलकुल उपयुक्त है, जो ब्याज दरें निचले स्तर पर होने के समय लंबी अवधि वाले लोन को तरजीह देते हैं। यह उन कर्जदारों के लिए सुविधाजनक विकल्प की पेशकश करता है जो फ्लोटिंग ब्याज दरों की दीर्घकालिक ब्याज बचत का लाभ उठाना चाहते हैं। साथ ही शुरुआती वर्षों में प्रतिस्पर्द्धी फिक्स्ड ब्याज दरों का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं।

ब्याज के प्रकार

give the necessary attention to these things before taking a home loan

फिक्स्ड रेट- लाभ- लोन की पूरी अवधि के दौरान एक निश्चित ब्याज दर लागू हो जाती है। ब्याज दरों के चक्र में बदलाव से ईएमआई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

हानि-आमतौर पर फ्लोटिंग ब्याज दरों की तुलना में महंगा होता है। ब्याज दरों में गिरावट का लाभ नहीं उठाया जा सकता है। साथ ही प्री-पेमेंट शुल्‍क लागू हो सकता है।

फ्लोटिंग रेट
फिकस्ड ब्याज दरों की तुलना में कम होती है। कर्जदाता के बेस रेट पर आधारित होती है। ब्याज दरों में गिरावट का मिलता है लाभ।

हानि‌- ब्याज दरों में बदलाव के मामले में लोन की अ‌वधि बढ़ेगी और कुछ मामलों में ईएमआई भी बढ़ सकती है।

पार्ट फिक्स्ड-पार्ट फ्लोटिंग रेट
लाभ-लोन के शुरुआती वर्षों में तयशुदा दर लागू होती है। फिक्स्ड रेट अवधि समाप्त होने के बाद ग्राहक को फिक्स्ड रेट रिन्यू कराना होगा या फ्लोटिंग रेट का विकल्प अपनाना होता है।

हानि-कनवर्जन के समय कुछ शुल्क देना पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed