ब्लैकमनी: डिफॉल्टरों का सुराग देने वालों को मिलेगा 15 लाख ईनाम
आयकर विभाग के नए दिशानिर्देशों के तहत ऐसे लोगों के खिलाफ जानकारी देनें वालों को 15 लाख रुपये का ईनाम दिया जाएगा जिन पर भारी भरकम टैक्स बकाया है।
सरकार ने इस श्रेणी में स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और सेल्फ एसेसमेंट को भी शामिल किया है। पिछले सप्ताह आयकर विभाग ने देशभर के अपने सभी कार्यालयों को नए निर्देश दिए थे।
इसमें कहा गया था कि कोई भी व्यक्ति जो घोषित डिफॉल्टर के विरुद्ध विश्वसनीय सूचना देता है उसे ऐसे व्यक्ति से वसूले गए कर का 10 फीसदी पुरस्कार के तौर पर दिया जाएगा लेकिन इस पुरस्कार राशि की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये होगी।
बढ़ सकता है ईनाम
कुछ खास मामलों में ईनाम की राशि में इजाफा भी किया जा सकता है हालांकि इसके लिए सीबीडीटी से पहले मंजूरी लेनी होगी। नए दिशानिर्देश पिछले और चालू वित्त वर्ष से प्रभावी हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इसे देश में काले धन से निपटने में भारी चुनौती और राजस्व में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए जारी किया है।
सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी लेकिन जहां कानून को जरूरत होगी वहां वास्तविकता से जुड़े सबूत और दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे।