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अब साधारण बीमा कंपनियां ला सकेंगी आईपीओ
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 20 Sep 2012 03:05 PM IST
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साधारण बीमा कंपनियां जल्द ही पूंजी जुटाने के लिए शेयर बाजार में उतर सकती हैं। बीमा नियामक इरडा ने इससे संबंधित मसौदा निर्देश जारी कर दिया है। इसके तहत परिचालन के दस साल पूरी करने वाली कंपनियां ही आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) ला सकेंगी। साथ ही कंपनियों को इरडा से इसकी पूर्व अनुमति लेनी होगी। मसौदा निर्देश में बीमा नियामक ने स्पष्ट कहा है कि कोई भी गैर जीवन बीमा कंपनी पब्लिक इश्यू लाने के लिए सीधे सेबी से संपर्क नहीं करेगी।
इसके लिए पहले उन्हें इरडा के पास आवेदन करना होगा। कंपनी की वित्तीय स्थिति, पूंजी ढांचे और नियामकीय रिकॉर्ड को देखते हुए ही इरडा तय करेगा कि उसे इश्यू लाने की मंजूरी दी जाए या नहीं। साथ ही नियामक यह भी तय करेगा कि प्रमोटर कितने हिस्से तक की बिक्री इश्यू के तहत कर सकते हैं और विदेशी निवेशकों को कितने शेयर जारी किए जा सकते हैं। इसके अलावा इश्यू के बाद प्रमोटरों के लिए शेयर बिक्री का लॉक इन पीरियड भी होगा। यानी इस अवधि में प्रमोटर अपने शेयर नहीं बेच सकेंगे।
मसौदे में कहा गया है कि कंपनियों को यह बताना जरूरी होगा कि वे किस मकसद से इश्यू ला रही हैं। इरडा की मंजूरी एक साल तक के लिए वैध होगी। यानी इस दौरान वे कभी भी पूंजी बाजार में उतर सकती हैं। बीमा नियामक ने गैर जीवन बीमा कंपनियों से इस मसौदे पर 30 सितंबर तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद ही अंतिम मसौदा तय होगा।
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इसके लिए पहले उन्हें इरडा के पास आवेदन करना होगा। कंपनी की वित्तीय स्थिति, पूंजी ढांचे और नियामकीय रिकॉर्ड को देखते हुए ही इरडा तय करेगा कि उसे इश्यू लाने की मंजूरी दी जाए या नहीं। साथ ही नियामक यह भी तय करेगा कि प्रमोटर कितने हिस्से तक की बिक्री इश्यू के तहत कर सकते हैं और विदेशी निवेशकों को कितने शेयर जारी किए जा सकते हैं। इसके अलावा इश्यू के बाद प्रमोटरों के लिए शेयर बिक्री का लॉक इन पीरियड भी होगा। यानी इस अवधि में प्रमोटर अपने शेयर नहीं बेच सकेंगे।
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मसौदे में कहा गया है कि कंपनियों को यह बताना जरूरी होगा कि वे किस मकसद से इश्यू ला रही हैं। इरडा की मंजूरी एक साल तक के लिए वैध होगी। यानी इस दौरान वे कभी भी पूंजी बाजार में उतर सकती हैं। बीमा नियामक ने गैर जीवन बीमा कंपनियों से इस मसौदे पर 30 सितंबर तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद ही अंतिम मसौदा तय होगा।
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